सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को कई मामलों पर सुनवाई हुई। सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय ने 2000 से अधिक पेड़ों की कटाई के खिलाफ याचिका को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट को फटकार लगाई है। अदालत ने इस मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट से याचिका पर तेजी से सुनवाई करने का निर्देश दिया है। वहीं, चेक बाउंस के एक मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ ने टिप्पणी की है। पीठ ने इस मामले में कहा है कि चेक बाउंस के मामले में स्वतंत्र निदेशक जिम्मेदार नहीं है। अदालत ने ये भी कहा कि कंपनी से जुड़ा हर व्यक्ति एनआई अधिनियम धारा-141 के तहत नहीं आता है। इन मामलों के अलावा, सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को ईडी निदेशक संजय मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई टाल दी गई। चीफ जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ को इस मामले पर सुनवाई करनी थी। अब इस मामले में मंगलवार को सुनवाई होगी।
मंगलवार को होगी सुनवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा को दिए गए सेवा विस्तार को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर आज होने वाली सुनवाई टल गई। इस याचिका पर अब मंगलवार को सुनवाई होगी। ये याचिका एमएल शर्मा की ओर से दाखिल की गई है। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने पिछले साल संजय कुमार मिश्रा को दिए गए सेवा विस्तार पर सबसे पहले याचिका दायर की थी, लेकिन उनके नाम से याचिका सूचीबद्ध नहीं हुई। इसलिए पहले उन्हें दलील रखने का मौका दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील को स्वीकार किया
कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एक अपील को सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को स्वीकार कर लिया। इस दौरान जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ ने कहा है कि कंपनी से जुड़ा हर व्यक्ति एनआई अधिनियम की धारा-141 के दायरे में नहीं आता है। उन्होंने ये भी कहा कि चेक बाउंस के लिए निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट (एनआई एक्ट) के प्रावधानों के तहत उत्तरदायी नहीं होगा। दरअसल, कलकत्ता हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता मैसर्स पंचमी स्टोन क्वैरी को 1.71 करोड़ रुपये के भुगतान से संबंधित चेक बाउंस के लिए अपीलकर्ता के खिलाफ दायर शिकायत को खारिज करने से इन्कार कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट फटकार लगाई है। सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तराखंड हाईकोर्ट को मसूरी और देहरादून घाटी के बीच सड़क चौड़ीकरण के लिए 2057 पेड़ों की कटाई के खिलाफ दायर याचिका पर तेजी से विचार करने के लिए कहा है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने ने इस पर सुनवाई की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली पीठ इस मामले पर जल्दी सुनवाई करे।