सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें आईआईटी के छात्रों द्वारा खुदकुशी करने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर केंद्र सरकार व आईआईटी को इस संबंध में प्रोग्राम विकसित करने का निर्देश देने की गुहार लगाई गई थी। शीर्ष अदालत ने इस याचिका को बेतुका बताते हुए याचिकाकर्ता वकील पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
याचिकाकर्ता वकील पर 10 हजार का जुर्माना
जस्टिस रोहिंटन नरीमन, जस्टिस नवीन सिन्हा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की पीठ ने याचिकाकर्ता वकील गौरव बंसल से कहा कि यह याचिका बेतुकी है। पीठ ने पाया कि केंद्र सरकार इस स्थिति से भलीभांति अवगत है।
इससे पहले गौरव बंसल ने पीठ से कहा कि पिछले पांच वर्षों में आईआईटी केंपस में करीब 50 छात्रों ने खुदकुशी की है, लिहाजा सरकार और आईआईटी को छात्रों के कल्याण से संबंधित योजना बनाने का निर्देश दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों में खुदकुशी की ब?ती प्रवृत्ति को देखते हुए पूर्व में एक कमेटी का भी गठन किया गया था लेकिन उसका कुछ भी नतीजा नहीं निकला। लेकिन पीठ ने इस तरह की याचिका दायर करने पर सख्त आपत्ति जताते हुए याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।