सिगरेट समेत सभी तंबाकू उत्पादों के पैकेट को कम आकर्षक बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि तंबाकू उत्पादों के पैकेट आकर्षक होने की वजह से युवाओं में इसके सेवन के प्रति रुझान बढ़ता जा रहा है। चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने इलाहाबाद के वरिष्ठ वकील उमेश नारायण शर्मा की इस जनहित याचिका पर विचार करने का निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ऐश्वर्य भाटिया ने पीठ के समक्ष कहा कि तंबाकू उत्पादों की बड़े पैमाने पर बिक्री और भारत में हर साल करीब 10 लाख मौत होने के बावजूद सरकार आकर्षक पैकेजिंग को हतोत्साहित करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी साफ तौर पर यह सिफारिश की थी कि सिगरेट सहित अन्य तंबाकू उत्पादों के पैकेट सरल होने चाहिए। ऐश्वर्य भाटी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-47 के अनुसार जन स्वास्थ्य में सुधार करना राज्य का कर्तव्य है।
इस पर पीठ ने सवाल किया कि जब इस मसले पर 2008 में विचार किया जा रहा था, तब याचिकाकर्ता ने यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया। पीठ ने यह भी कहा कि सिगरेट पीने वालों इन चीजों को कहां देखते हैं। हालांकि बाद में पीठ ने इस मसले पर सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।