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आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद भी सांसद या विधायक बने रहने को लेकर याचिका, फैसला सुरक्षित

Tue, 24 Jul 2018 04:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि आपराधिक मामलों में दोषी ठहराने के फैसले पर अगर अपीलीय अदालत रोक नहीं लगाती तो सांसद या विधायक अयोग्य रहेंगे। याची एनजीओ के सचिव का कहना था कि सांसद या विधायक दोषी ठहराए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से उनकी सदस्यता चली जाती है, अपीलीय अदालत द्वारा इस फैसले पर रोक लगाने से सदस्यता वापस नहीं हो सकती।

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चीफ जस्टिस ने यह टिप्पणी करते हुए एनजीओ लोकप्रहरी के सचिव एसएन शुक्ला की दायर उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2013 में लिली थॉमस मामले में दिए फैसले की अवहेलना हो रही है। 

याचिका में आरोप लगाया गया था कि आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद भी सांसद और विधायक सदस्य बने रहते हैं। लिली थॉमस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सांसद या विधायक तत्काल प्रभाव से अयोग्य हो जाएंगे। 
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इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जन प्रतिनिधि कानून की धारा-8(4) को निरस्त कर दिया था। इस धारा के तहत सांसद या विधायक दोषी ठहराए जाने के बाद भी अपने पद पर बने रह सकते थे, अगर वे तीन महीने के भीतर दोषसिद्धि को ऊपरी अदालत में चुनौती दे दे। 

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