कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में दिए भाषण के दौरान राज्य में शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पीठ थपथपाई थी। लेकिन राजस्थान, जहां भाजपा सत्ता में है, वहां की कहानी कुछ और ही है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राजस्थान में राज्य प्रशासन किसी दूसरे ही मिशन पर है।
इस साल राज्य में शराब बिक्री में कमी आने से सरकार को तय राजस्व नहीं मिल सका है। जिसके बाद राजस्थान का आबकारी विभाग अधिकारियों पर कार्रवाई कर रहा है। जिन अधिकारियों को राजस्व वसूलने का जिम्मा सौंपा गया था प्रशासन उनकी सरकारी गाड़ियां वापस ले रहा है।
राज्य के 19 जिलों में तय लक्ष्य से कम राजस्व सरकारी खजाने में आया है। जिसके बाद इन जिलों के अधिकारियों को इस सूची में रखा गया है जिन पर प्रशासन को कार्रवाई करनी है। प्रशासन इस नीति के चलते विभाग अधिकारियों को सुविधा के लिए दी गई सरकारी गाड़ी वापस ले रहा है।
राज्य सरकार की आबकारी विभाग की वेबसाइट पर इसे राज्य का तीसरी सबसे ज्यादा राजस्व वसूलने वाली संस्थान बताया गया है। 2015-16 में विभाग ने 6,713 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। वर्तमान वित्त वर्ष के लिए विभाग ने 7,300 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया है।