Ashwini Vaishnaw on BSNL: दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मैं हर महीने केपीआई (प्रमुख प्रदर्शन संकेतक), प्रदर्शन, परिणाम को मापूंगा। जो काम नहीं करते हैं वे वीआरएस लेकर घर जा सकते हैं। साथ ही कहा कि बीएसएनएल के पुनरुद्धार के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ा जोखिम उठाया है।
केंद्र सरकार ने बीएसएनएल (BSNL) को लेकर विपक्ष की काफी आलोचना का सामना किया है। 1.64 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा के कुछ दिनों बाद दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने बीएसएनएल के कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि या तो कर्मचारी काम करें या वीआरएस लेकर घर बैठ जाएं साथ ही कहा कि हमें साथ काम करना होगा, प्रदर्शन करना होगा।
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बीएसएनएल के साथ मजबूती से खड़ी है केंद्र सरकार बीएसएनएल सरकार के सामाजिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए ग्रामीण/दूरस्थ क्षेत्रों में वायरलाइन सेवाएं प्रदान कर रहा है। दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मैं हर महीने केपीआई (प्रमुख प्रदर्शन संकेतक), प्रदर्शन, परिणाम को मापूंगा। जो काम नहीं करते हैं वे वीआरएस लेकर घर जा सकते हैं। साथ ही कहा कि बीएसएनएल के पुनरुद्धार के लिए मोदी की सरकार ने एक बड़ा जोखिम उठाया है। जो भी मुद्दे हों, हम बीएसएनएल के साथ मजबूती से खड़े हैं और हम भी बीएसएनएल के 62,000 कर्मचारियों में से प्रत्येक से समान प्रतिबद्धता चाहते हैं।
वहीं दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि सरकार बीएसएनएल को 4जी सेवाओं की पेशकश करने के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित करेगी। उन्होंने कहा था कि हम बीएसएनएल को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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बीबीएनएल और बीएसएनएल का विलय
बता दें कि कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने BBNL (Bharat Broadband Network Limited) और BSNL (Bharat Shanchar Nigam Limited) के विलय को मंजूरी दे दी है। इस पर केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि हमें विश्वास है कि देश के कोने-कोने में ब्रॉडबैंड सेवा ले जाने में सरकार के इस फैसले से मदद मिलेगी। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 26,316 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड के माध्यम से देश के सभी दूर-दराज के गांवों में 4जी सेवा ले जाने की परियोजना को भी मंजूरी दी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि केंद्र सरकार नई परियोजनओं के जरिए सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों के 24,680 दूर-दराज के गांवों में 4जी मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराएगी। परियोजना में 20% अतिरिक्त गांवों को शामिल करने का भी प्रावधान है। इसके अलावा, केवल 2जी/3जी कनेक्टिविटी वाले 6,279 गांवों को भी 4जी में अपग्रेड किया जाएगा।