महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने राज्य में विधानसभा चुनाव के एक महीने बाद जनता पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि, लोग समस्याओं के समाधान के लिए मनसे की ओर रुख करते हैं, वोट देते समय भूल जाते हैं।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को कहा कि जब लोग किसी समस्या का समाधान चाहते हैं तो वे उनकी पार्टी के बारे में सोचते हैं, लेकिन चुनाव के दिन इसे अनदेखा कर देते हैं। नए साल पर सोशल मीडिया एक्स पर एक संदेश में राज ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनाव परिणामों को भूलकर आगे बढ़ने की अपील की, उन्होंने कहा कि वे जल्द ही उनसे बात करेंगे और भविष्य की कार्रवाई के बारे में व्यापक दिशा-निर्देश देंगे।
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'मराठी भाषियों के खिलाफ 'उत्पीड़न' शुरू'
राज ठाकरे ने कहा, 'कुछ चीजें नहीं बदली हैं, लोग हर समस्या के समाधान के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को याद करते हैं, लेकिन मतदान के समय इसे अनदेखा कर देते हैं।' राज ठाकरे ने यह भी दावा किया कि चुनाव परिणामों के कुछ ही हफ्तों बाद राज्य में मराठी भाषियों के खिलाफ 'उत्पीड़न' शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि मनसे इन मामलों में कार्रवाई करेगी और उसने ऐसा किया। मनसे प्रमुख ने कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि 'मराठी मानुष' का इस्तेमाल केवल वोट के लिए किया जा रहा है।
विधानसभा चुनाव में मनसे को नहीं मिली एक भी सीट
मनसे ने 20 नवंबर को हुए महाराष्ट्र चुनाव में 288 विधानसभा सीटों में से 125 पर चुनाव लड़ा था, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई। वहीं पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे भी मुंबई के माहिम विधानसभा सीट से हार गए थे।
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विधानसभा चुनाव में पार्टियों का प्रदर्शन
राज्य विधानसभा चुनाव में महायुति ने 288 विधानसभा सीटों में से 230 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसमें भाजपा ने अकेले 132 सीट, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 और अजित पवार गुट की एनसीपी ने 41 सीटों पर जीती। वहीं महा विकास अघाड़ी को 288 सीटों में से मात्र 46 सीटों पर ही जीत मिली थी। इसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी ने 20 सीट, कांग्रेस ने 16 और शरद पवार की एनसीपी-एसपी ने सिर्फ 10 ही सीटें जीती थी।