फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानसिक बीमारी को 'पागलपन' समझते हैं लोग, डॉक्टर ने बताया उबरने का नुस्खा

Thu, 11 Oct 2018 12:22 AM IST
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

मानसिक बीमारी को लेकर भारत में अभी भी बहुत भ्रम है। अक्सर लोग इसे 'पागलपन' समझते हैं और यही कारण है कि कोई खुद को मानसिक बीमार मानना या इसका इलाज कराना नहीं चाहता। यही कारण है कि भारत में मानसिक बीमारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक आंकड़े के मुताबिक भारत की लगभग 7.5 फीसदी आबादी किसी न किसी प्रकार की मानसिक बीमारी से परेशान है। इस तरह भारत में मानसिक बीमारों की संख्या दस लाख से भी ऊपर है। भारत में इस धारणा का यह असर है कि यहां मानसिक चिकित्सकों की संख्या भी बेहद कम है। 

विज्ञापन


एक जानकारी के मुताबिक भारत के मानसिक चिकित्सकों की विदेश में भारी मांग है जहां इसके प्रति काफी जागरूकता है। इस कारण से भारी संख्या में भारत के मानसिक चिकित्सक विदेश पलायन कर जाते हैं। दिल्ली के बीएल कपूर अस्पताल के मानसिक चिकित्सक मनीष जैन के मुताबिक आज कामकाज से लेकर अनेक आर्थिक कारणों से लोग तनाव में रहते हैं। यह अपने आप में गम्भीर समस्या है। इस तनाव के कारण और भी अनेक समस्याएं पैदा हो रही हैं। मनीष जैन के मुताबिक अक्सर परिवार के लोग इसे छिपाने की कोशिश करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर दूसरों को यह पता चलता है तो इससे समाज में उनकी बदनामी होगी। 

उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल गलत धारणा है। बुखार या अन्य शारीरिक बीमारियों की तरह मानसिक बीमारी का भी पूरा इलाज किया जा सकता है। लेकिन इस बीमारी से उबरने की सबसे पहली शर्त है कि लोग खुद इसे स्वीकार करें। इसके बाद ही कोई इलाज कारगर होता है। डॉक्टर जैन के मुताबिक इसके साथ ही परिवार का सहयोगात्मक रुख बीमार व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ करने में बड़ी मदद करता है। मरीज को भरपूर डाइट के साथ पूरी नींद भी लेनी चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें