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किसानों के हक को पैरों तले दबाए बैठे लोग कर रहे हंगामा: प्रधानमंत्री

Tue, 22 Sep 2020 07:19 AM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • कृषि विधेयकों का विरोध करने वालों पर मोदी ने फिर साधा निशाना
  • कहा-उपज की मौजूदा बिक्री व्यवस्था ने बांध रखे थे किसानों के हाथ-पांव
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प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि से जुड़े विधेयकों पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए विपक्ष पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा, विधेयकों के खिलाफ हंगामा करने वाले वही लोग हैं जो कृषि क्षेत्र में सुधारों को लेकर स्वामीनाथन समिति के सुझावों को पैरों तले दबाए बैठे थे। कृषि उपज की मौजूदा बिक्री व्यवस्था और कानून की आड़ में किसानों का हक मारने वाले कई गिरोह पैदा हो गए थे।

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प्रधानमंत्री ने बिहार में 14,258 करोड़ रुपये से बनने वाली नौ राजमार्ग परियोजनाओं और राज्य के सभी 45,945 गांवों को इंटरनेट से जोड़ने के लिए ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवा के वर्चुअल उद्घाटन के बाद विपक्षी दलों और खासकर कांग्रेस पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, नए बदलाव से न तो मंडी खत्म होगी और न न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खत्म होगा।

अचानक कुछ लोगों को समस्या क्यों हो रही है
प्रधानमंत्री ने कहा, सरकारी खरीद पहले की तरह जारी रहेगी। सरकार ने किसानों को अपनी उपज कहीं भी बेचने की सहूलियत दी है। जहां ज्यादा कीमत मिलेगी किसान वहां उपज बेंचेंगे। पीएम ने कहा, पुराने कानूनों की आड़ में देश में किसानों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले ताकतवर गिरोह पैदा हो गए थे। आखिर यह सब कितने दिन चलता? अब देश को अंदाजा हो गया होगा कि विधेयक पर हंगामा क्यों हो रहा है। अचानक कुछ लोगों को समस्या क्यों हो रही है?
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इन लोगों को किसानों के हित की चिंता नहीं
प्रधानमंत्री ने रविवार को राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के परोक्ष जिक्र करते हुए कहा, विरोध का कारण सबकी समझ में आ रहा है। इतनी बड़ी क्रांतिकारी व्यवस्था परिवर्तन के बाद कुछ लोगों को अपने हाथ से नियंत्रण जाता दिख रहा है। इसलिए ये एमएसपी पर किसानों को गुमराह करने में जुट गए हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने कभी किसानों के हित की चिंता नहीं की। कृषि क्षेत्र में सुधार की चिंता नहीं की। सुधार संबंधी स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट सालों तक दबाए रहे।

किसानों की मिली आजादी के लाभ दिखने लगे
मोदी ने कहा, किसानों की आजादी के कई लाभ दिखने भी लगे हैं। ऐसे प्रदेश जहां आलू बहुत होता है, वहां से जानकारी आ रही है कि जून-जुलाई में थोक खरीदारों ने किसानों को ज्यादा भाव देकर सीधे कोल्ड स्टोरेज से आलू खरीद लिया। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जहां दाल बहुत होती है, इनमें पिछले साल की तुलना में 15-25 फीसदी तक ज्यादा दाम सीधे किसानों को मिला है। पीएम ने कहा, एमएसपी देने और सरकारी खरीद के लिए जितना काम हमारी सरकार ने किया, वह पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले के पांच सालों और पिछले पांच सालों के आंकड़े गवाही देते हैं कि किसानों की भलाई के लिए उनकी सरकार ने कितने काम किए हैं।

बिचौलियों के हित में खड़ा है विपक्ष: मोदी
प्रधानमंत्री ने रविवार को राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के परोक्ष जिक्र करते हुए कहा, विरोध का कारण सबकी समझ में आ रहा है। विपक्ष बिचौलियों के हित में खड़ा है। इतनी बड़ी क्रांतिकारी व्यवस्था परिवर्तन के बाद कुछ लोगों को अपने हाथ से नियंत्रण जाता दिख रहा है। इसलिए ये एमएसपी पर किसानों को गुमराह करने में जुट गए हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने कभी किसानों के हित की चिंता नहीं की। कृषि क्षेत्र में सुधार की चिंता नहीं की। सुधार संबंधी स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट सालों तक दबाए रहे।
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