कोरोना महामारी से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र में स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हो पाई है। यहां रोजाना संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं। यही कारण है कि उद्धव की सरकार ने पाबंदियों में सख्ती बरकरार रखी है। इसी वजह से इस बार यहां गणेश उत्सव को भी भव्य और पारंपरिक तरीके से नहीं मनाया जा रहा है। पुणे में हर साल हर्षोल्लाष से मनाया जाने वाले गणेश उत्सव को लेकर प्रशासन ने लोगों से अपील भी की है। सरकारी अधिकारियों ने लोगों से घर के अंदर रहने और यहां तक कि अपने घरों के अंदर ही बप्पा का विसर्जन करने का आग्रह किया है।
हालांकि, इसके बावजूद त्योहार की खरीदारी के लिए लोगों को बाहर निकलते देखा गया है, इतना ही नहीं कुछ लोग हमेशा की तरह विसर्जन करने के लिए नदी के किनारे पुलिस अधिकारियों से बहस करते भी दिखे। लोगों में अनुशासन की इस कमी के कारण नए मामलों में बढ़ोतरी की आशंका भी जताई जा रही है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में प्रति 1,000 मामलों में 23 मौतें दर्ज की गई हैं।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, ग्यारह दिवसीय समारोहों के दौरान, जिले में 22 अगस्त से 2 सितंबर के बीच 12 दिनों में 37,968 नए मामले दर्ज किए गए, जबकि 10 अगस्त से 21 अगस्त के बीच 12 दिनों की समान अवधि में, जिले में 31,110 मामले दर्ज किए गए। यह पहले के हफ्तों की तुलना में उत्सव के दौरान 6,858 अधिक मामले हैं।
बढ़ते मामले को देखते हुए, राज्य सरकार भी चिंतित है और उसे डर सता रहा है कि लोगों की लापरवाही की वजह से आने वाले दिनों में कोरोना के नए मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।