चुनाव संग्राम में अखिलेश को भले साइकिल मिल गई हो मगर उनको मुलायम सिंह के आशीर्वाद को लेकर सवाल अभी भी खड़े हैं। पिता-पुत्र के रिश्तों और प्रियंका गांधी के चुनाव प्रचार को लेकर सपा महासचिव और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल से धीरज कनौजिया ने बातचीत की
- पहला चरण हो चुका है। सपा का चुनावी आकलन क्या है?
इस बार वे मतदाता सपा को वोट दे रहा है जो पहले कभी इसे वोट नहीं देता था। अखिलेश का नेतृत्व सबको स्वीकार्य है। जनता अखिलेश के नाम पर वोट कर रही है। हमारी सरकर बनेगी।
- मगर नेता जी चुनाव प्रचार में अखिलेश का नाम नहीं ले रहे। क्या उनके मन में अभी भी फांस अटकी हुई है?
देखिये, अखिलेश जिंदगी भर नेता जी के पुत्र रहेंगे। वहीं मुलायम सिंह अखिलेश के जिंदगी भर पिता रहेंगे। कोई नाम ले या न ले, इससे क्या अंतर पड़ता है। वैसे भी हर जगह पुत्र का क्या नाम लिया जाए। हमने उनको सरंक्षक बनाया है। वे हमेशा मागदर्शक रहेंगे। हो सकता है उम्र की वजह से नेता जी बहुत ज्यादा दौरे न कर पाएं। नेता जी ने खुद कहा है कि उनका गठबंधन को समर्थन है। सपा की सरकार फिर बनेगी।
-भाजपा के मागदर्शक मंडल की तरह नेता जी को भी मागदर्शक बना दिया गया है
ये मागदर्शन मंडल नहीं है। वह हमारे सरंक्षक है। हम सबने उनको कहा भी था कि नेता जी चुनाव प्रचार के लिए चलिए। उन्होंने कहा भी था कि जरूर जाएंगे। मेरा ख्याल है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के चुनाव में नेता जी बाहर निकलेंगे। जरूर प्रचार करेंगे।