सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि समानता के अधिकार को नकारात्मक समानता के तौर पर नहीं देखा जा सकता। शीर्ष अदालत ने कहा है कि अगर गैरकानूनी तरीके से या किसी गलती की वजह से किसी को फायदा पहुंचा हो तो इसका कतई यह मतलब नहीं है कि कोई व्यक्ति समानता का हवाला देकर अपना भी दावा ठोके।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति आर भानूमति की पीठ ने पंजाब लोक सेवा (न्यायिक शाखा) में सफल रहे तीन छात्रों को किसी तरह की राहत न देते हुए ये टिप्पणी की है। ये तीनों छात्रों का कहना था कि तीन अभ्यर्थियों द्वारा नौकरी ज्वाइन न करने केकारण खाली पड़े पद पर उनकी नियुक्ति की जानी चाहिए, क्योंकि वे मेरिट लिस्ट में ठीक उनसे नीचे थे।
इन तीनों छात्रों ने पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन वहां से राहत न मिल पाने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में इन छात्रों का कहना था कि हाईकोर्ट के फैसले में त्रुटि है।