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विशेषज्ञ की राय: सैन्य आधुनिकीकरण पर पेंशन का दबाव, सड़क-रेल यातायात का बेहतर विकास संभव

Thu, 02 Feb 2023 06:57 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीन और पाकिस्तान के खतरोंं के मद्देनजर देखा जाए तो आधुनिकीकरण व खरीद के लिए 1.62 लाख करोड़ पर्याप्त तो नहीं है। लेकिन सरकार ने आपातकालीन खर्च का प्रावधान कर उसकी भरपाई का रास्ता निकाल रखा है।
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नितिन गोखले, रक्षा विशेषज्ञ - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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रक्षा खरीद व आधुनिकीकरण पर पेंशन व वेतन पर होने वाले खर्च का दबाव साफ दिख रहा है। वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की पांच साल की समीक्षा के वादे पर सरकार को बढ़ी हुई पेंशन देनी पड़ रही है। यही वजह है कि पेंशन के मद में 15 फीसदी से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। साथ ही, सेना के 14 लाख की बड़ी संख्या का वेतन व उनके रखरखाव का दबाव सरकार पर हमेशा रहता है। जो किसी भी रक्षा बजट का सबसे बड़ा हिस्सा होता है। चीन और पाकिस्तान के खतरोंं के मद्देनजर देखा जाए तो आधुनिकीकरण व खरीद के लिए 1.62 लाख करोड़ पर्याप्त तो नहीं है। लेकिन सरकार ने आपातकालीन खर्च का प्रावधान कर उसकी भरपाई का रास्ता निकाल रखा है।

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इसका दूसरा पहलू है कि सरकार की योजना में फिलहाल कोई ऐसी बड़ी रक्षा खरीद नहीं है, जिसमें लाखों करोड़ का खर्च हो। लड़ाकू विमान, मिसाइल, रक्षा उपकरण, टैंक व तोप, जहाज और पनडुब्बी जैसे सौदे पिछले दिनों हजारों करोड़ में किए गए। इसे आपातकालीन खरीद की श्रेणी में रखा जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के पास करीब 2,000 करोड़ रुपये बचे हुए हैं। अगर मार्च तक इसे खर्च नहीं किया गया, तो इसे वित्त मंत्रालय को वापस करना होगा।  -(नितिन गोखले, रक्षा विशेषज्ञ) 

सड़क-रेल यातायात का बेहतर विकास संभव
आम बजट प्रगति आधारित है। सड़क, रेल परिवहन पर पूरी तरह से फोकस किया गया है। बुनियादी ढांचे, खासकर रेलवे और राजमार्ग निर्माण पर बजट के केंद्र बिंदु में रखा गया है। परिवहन क्षेत्र में विशेष तौर पर हेलीपैड नए हवाई अड्डे, वाटर एयरोड्रम बनने से एक मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
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एक झलक में बजट को देखने से पता चलता है कि विजन-2024 के तहत मल्टी ट्रैकिंग यानी दोहरी व तीसरी रेल की पटरियां बिछाने की गति को और अधिक शक्ति मिलेगी। इससे ट्रेन की रफ्तार, संख्या में वृद्धि होगी। ज्यादा से ज्यादा ट्रेन का निर्माण होगा और चलेंगी। ए श्रेणी वाले स्टेशन के साथ बी व सी श्रेणी वाले स्टेशन पर भी यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। पीएम गति शक्ति योजना को बढ़ावा मिलेगा और देश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा।

बंदरगाहों, कोयला, इस्पात, उर्वरक और खाद्यान्न क्षेत्रों के लिए 100 महत्वपूर्ण परिवहन अवसंरचना परियोजनाओं की पहचान करना बेहतर कदम है। क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार के लिए 50 अतिरिक्त हवाई अड्डों, हेलीपैड, वाटर एयारोड्रम और उन्नत लैंडिंग ग्राउंड को पुनर्विकसित होने से पर्यटन क्षेत्र को तो बढ़ावा मिलेगा ही साथ ही रेलवे व सड़क परिवहन को भी बूस्ट मिलेगा। -(विनोद कुमार यादव, पूर्व सीईओ व अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड)

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