'पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग' द्वारा इसी सप्ताह जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, एनपीएस को लेकर वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने कई तरह की हिदायतें जारी की थीं। इनका पालन हो रहा है या नहीं, इसकी समीक्षा के लिए इस वर्ष 21 फरवरी और 17 मई को बैठक बुलाई गई थी। उसमें एनपीएस योगदान की उचित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था। एनपीएस में शामिल कर्मचारी, हर माह अपना निर्धारित अंश जमा करा रहे हैं या नहीं, इस बाबत रिपोर्ट तैयार करनी होती है। सभी कर्मचारियों के खाते में तय राशि ठीक समय पर जमा हो रही है, हर छह माह में यह रिपोर्ट, एक खास निरीक्षण तंत्र के माध्यम से पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग को भेजी जाएगी।
रिपोर्ट में कौन सी बातें शामिल हों, इसके लिए पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने डी.ओ. के माध्यम से एक प्रोफार्मा भी परिचालित किया था। व्यय विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि छह माह में भेजी जाने वाली रिपोर्ट और एनपीएस खातों की उचित निगरानी, इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने https://pensionersportal.gov.in एक पोर्टल विकसित किया है। अब इस पोर्टल के जरिए रिपोर्ट भेजी जा सकती है।
केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों को उन नोडल अधिकारियों का विवरण प्रस्तुत करना होगा, जो इस पोर्टल को संभालेंगे। इसमें नोडल अधिकारियों का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पदनाम आदि शामिल है। यह जानकारी देने के बाद ही पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा लॉगिन क्रेडेंशियल भेजा जाएगा। नोडल अधिकारी के स्थानांतरण/सेवानिवृत्ति के मामले में, नए नोडल अधिकारी का विवरण, आवश्यक तौर से पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग को तुरंत भेजा जाए। पोर्टल को संभालने के लिए एक उपयोगकर्ता मैनुअल तैयार किया गया है। पोर्टल लॉग इन कैसे होगा और रिपोर्ट कैसे अपलोड होगी, इन सभी सवालों का जवाब मैनुअल में मिलेगा। पोर्टल के माध्यम से सभी मंत्रालयों/विभागों को अक्तूबर, 2023 से मार्च, 2024 की अवधि तक अपनी छह माह की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।