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Pen Down Strike: नगालैंड के सरकारी कर्मचारी गैर-एससीएस अधिकारियों को IAS में शामिल करने का विरोध, हड़ताल जारी

Tue, 21 Oct 2025 03:27 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा।

सार

भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के दायरे में लाने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी। अब यह मुद्दा राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। जानिए क्या है ये पूरा मामला
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हड़ताल - फोटो : ए़डोव
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विस्तार
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नागालैंड में विभिन्न सरकारी सेवा संघों के संयुक्त समन्वय समिति ने निर्णय लिया है कि गैर-राज्य सिविल सेवा अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल किए जाने के मुद्दे पर उनकी 'पेन डाउन हड़ताल' अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी। सोमवार को राज्य सरकार के साथ वार्ता विफल रहने के बाद यह एलान किया गया।

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गौरतलब है कि जेसीसी के दायरे में नगालैंड के पांच प्रमुख सेवा संगठन आते हैं। इनमें कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल नागालैंड स्टेट सर्विसेज एम्प्लॉइज एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ नागालैंड स्टेट इंजीनियर्स सर्विस एसोसिएशन, नागालैंड इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन, नागालैंड सचिवालय सेवा एसोसिएशन और नागालैंड वन सेवा एसोसिएशन शामिल हैं।

राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष मुद्दा उठाने की तैयारी
राज्य सरकार ने बीते 16 अक्तूबर को इस विवाद को सुलझाने के लिए कैबिनेट स्तर की एक उप-समिति गठित की थी। हालांकि, जेसीसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बावजूद गतिरोध दूर नहीं हुआ।। बैठक मुख्य सचिव के कार्यालय में हुई, जहां समिति ने आईएएस पदोन्नति प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताएं और आपत्तियां दर्ज कराईं। जेसीसी ने बताया कि लंबी चर्चा के बावजूद समिति ने उनकी मांगों को स्वीकार करने में असमर्थता जाहिर की। अब यह मुद्दा राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।
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अधिकारियों को नागालैंड से हटाकर आईएएस कैडर में शामिल करने का विरोध
जेसीसी ने कहा कि समिति के साथ हुई बैठक का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला, इसलिए हड़ताल पूर्व निर्धारित तरीके से जारी रहेगी। समिति ने सभी विभागों और संगठनों से एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। बता दें कि जेसीसी राज्य सरकार के उस कदम का विरोध कर रही है, जिसमें गैर-राज्य सिविल सेवा अधिकारियों को नागालैंड से हटाकर आईएएस कैडर में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। समिति का आरोप है कि यह निर्णय भारतीय प्रशासनिक सेवा से जुड़े नियुक्ति और प्रोन्नति के प्रावधानों का उल्लंघन करता है।

'पेन डाउन हड़ताल' जेसीसी के आंदोलन का तीसरा चरण
सरकार के प्रवक्ता ने इस पूरे विवाद को सिर्फ एक प्रशासनिक गलती बताकर मामले को हल्का दिखाने की कोशिश की। लेकिन जेसीसी ने इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया। उनका कहना है कि यह कोई मामूली गलती नहीं, बल्कि एक गंभीर प्रशासनिक और कानूनी गड़बड़ी है। बता दें कि नगालैंड में यह 'पेन डाउन हड़ताल' जेसीसी के आंदोलन का तीसरा चरण है। इससे पहले  'ब्लैक बैज' और 'पोस्टर प्रदर्शन' हो चुके हैं।

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