एयर इंडिया के पायलटों ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनका बकाया फ्लाइंग अलाउंस उन्हें नहीं दिया गया तो वह काम नहीं करेंगे। अभी एयर इंडिया ने लगातार पांचवें महीने की सैलरी भी पायलटों को देरी से दी है। जिसमें जुलाई की सैलरी इसी मंगलवार को दी गई है। वहीं पायलटों की कमाई में बड़ा हिस्सा इन भत्तों का ही होता है।
मामले पर पायलटों का कहना है कि उनकी कमाई में सैलरी का हिस्सा 30 फीसदी होता है और बड़ा हिस्सा इस भत्ते का होता है। यानि कि फ्लाइंग अलाउंस का। उन्हें इसका भुगतान दो महीने बाद किया जा रहा है। जो कि नियमों के विपरीत है। नियमों के मुताबिक उन्हें जून के फ्लाइंग अलाउंस अगस्त तक मिल जाने चाहिए थे। लेकिन अभी तक नहीं मिले हैं।
सरकार की हिस्सेदारी बेचने के प्रयास के विफल रहने के बाद शुक्रवार को एयर इंडिया बोर्ड की बैठक हुई। बैठक ऐसे समय में हुई है जब सरकार एयर इंडिया को वित्तिय पैकेज देने पर विचार कर रही है।
हवाई किराया अनुचित नहीं
विमानन नियामक डीजीसीए ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा है कि विमानन कंपनियां हवाई यात्रा के लिए अनुचित किराया नहीं वसूल रही हैं। टिकटों की कीमतों में बदलाव बाजार की ताकतों के मुताबिक ही होता है। विमानन नियामक ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हलफनामे में अपनी राय रखी और कहा कि हवाई किराए के बारे में उसे नियम बनाने का अधिकार नहीं है।