कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गौहाटी उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। बता दें कि, गौहाटी उच्च न्यायालय ने मानहानि और जालसाजी के एक मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला असम पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज किया है। पवन खेड़ा ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
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सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, खेड़ा ने रविवार को एक स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दायर की है, और इस मामले को डायरी नंबर 25523/2026 के तौर पर रजिस्टर किया गया है। शाम करीब 6.26 बजे दायर की गई यह याचिका फिलहाल 'पेंडिंग' के तौर पर लिस्टेड है।
यह याचिका गौहाटी हाईकोर्ट की ओर से खेड़ा को गिरफ्तारी से पहले जमानत देने से इनकार करने के दो दिन बाद आई है। जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की सिंगल-जज बेंच ने फैसला सुनाया था कि कांग्रेस नेता 'गिरफ्तारी से पहले जमानत का विशेषाधिकार पाने के हकदार नहीं हैं।'
गौहाटी हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा था कि इस मामले को सिर्फ मानहानि का मामला नहीं कहा जा सकता। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 339 के तहत पहली नजर में मामला बनने के सबूत मौजूद हैं।
पवन खेड़ा पर मानहानि और जालसाजी का केस
असम पुलिस ने उनके खिलाफ मानहानि और जालसाजी का मामला दर्ज किया था। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत कुमार सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने दर्ज कराया है। उन्होंने खेड़ा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। खेड़ा ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिनिकी भुइयां सरमा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं। साथ ही विदेशों में उनकी अघोषित संपत्ति भी है। इन आरोपों के बाद रिनिकी भुइयां सरमा ने असम पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसके बाद असम और दिल्ली पुलिस ने दिल्ली में पवन खेड़ा के आवास पर छापा मारा था। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई से पहले पवन खेड़ा तेलंगाना पहुंच गए थे।
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तेलंगाना हाईकोर्ट ने दिया था ये निर्देश
फिर इस मामले में पवन खेड़ा ने तेलंगाना हाईकोर्ट में अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इस पर तेलंगाना हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा को गिरफ्तारी पर राहत देते हुए संबंधित कोर्ट में जाने का निर्देश दिया था। जिसके बाद असम पुलिस ने अग्रिम जमानत याचिका के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी, जिसके बाद पवन खेड़ा गौहाटी हाईकोर्ट पहुंचे थे। इसी मामले में उन्होंने अग्रिम जमानत मांगी थी, जिसे कोर्ट ने देने से मना कर दिया था।
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