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दवा की मनमानी कीमत से मरीजों को मिलेगी मुक्ति, फार्मा कांफ्रेंस में ‘मोदी केयर’ की गूंज

Fri, 16 Feb 2018 12:51 AM IST
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, बंगलूरू
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विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत के बाद अब केंद्र सरकार करोड़ों मरीजों को एक और बड़ी राहत देने जा रही है। सरकार जल्द फार्मा नीति लागू करेगी, जिससे शोध और गुणवत्ता के नाम पर मरीजों से संगठित लूट को रोका जाएगा और दवाओं की कीमत कम होगी।

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सरकार जल्द लागू करेगी फार्मा पॉलिसी, दवा कानून में भी होगा बदलाव

बारकोड प्रणाली से अब 5 की दवाई 15 में नहीं बेच पाएंगे दुकानदार

आमतौर पर देखा गया है कि दवाओं पर शोध और गुणवत्ता का हवाला देकर मरीजों से दवाओं पर मनमानी कीमतें वसूली जाती हैं। इसी लूट को रोकने और मरीजों को सस्ता उपचार मुहैया कराने के लिए सरकार नेशनल फार्मा पॉलिसी लागू करने जा रही है। इसके तहत सरकार बारकोड सिस्टम लागू कर सकती है। दवाओं पर बारकोड लगा होगा, जिसे स्कैन करते ही उसकी वास्तविक कीमत दवा दुकान पर मौजूद कंप्यूटर पर दिखाई देगी। इससे दुकानदार 5 की दवा 10 या 15 रुपये में नहीं बेच पाएंगे। 

बृहस्पतिवार को बंगलूरू में शुरू हुए देश के सबसे बड़े फार्मा कांफ्रेंस इंडिया फार्मा एवं मेडिकल डिवाइस 2018 के उद्घाटन के मौके पर रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि सरकार इस पर काम कर रही है। जल्द ही दवाओं की कीमत नियंत्रित करने वाले कानून में बदलाव किया जाएगा। 
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स्टेंट की तरह इम्प्लांट भी होगा सस्ता

दिल के ऑपरेशन में काम आने वाले स्टेंट की तरह जल्द ही मरीजों को इम्प्लांट जैसे ऑपरेशन के दौरान मरीजों को सस्ते उपकरण मिलेंगे। इस योजना में बैलून और कैथेटर का सस्ता होना भी शामिल है।

इस साल 500 दवाओं का लक्ष्य

पिछले तीन वर्षों में सरकार ने देश में दवाएं सस्ता करने का ग्राफ 400 से 1100 तक पहुंचाया है। इसमें हार्ट, कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां अहम हैं। मरीजों को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने इस साल करीब 500 दवाओं को सस्ता करने का लक्ष्य रखा है।

दो महीने में मिलेगा बीमा

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत लोगों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा दो महीने के भीतर मिलनी शुरू हो जाएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है, इसलिए 50 करोड़ लोगों को इसके दायरे में लाने के लिए सरकार को थोड़ा वक्त जरूर लगेगा।

कंपनियों ने किया जेनेरिक दवा का रुख

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के दबाव में दवा निर्माता कंपनियां अब जेनेरिक दवा की ओर अपना रुख कर रही हैं। कंपनियों के सीईओ से बातचीत में केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कह दिया है कि आयुष्मान भारत में जेनेरिक का महत्व रहेगा। 

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