दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की ओर से आईआरसीटीसी घोटाले में दायर दो मुकदमों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद को बृहस्पतिवार को 19 जनवरी तक के लिए अंतरिम जमानत दी।
विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने रांची जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए प्रसाद को अंतरिम राहत दी। चारा घोटाला मामले में जेल में बंद लालू स्वास्थ्य कारणों से अदालत आने में सक्षम नहीं थे, इसलिए वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए।
यहां यह जानना जरूरी हो जाता है कि लालू यादव पहले से ही चारा घोटाला मामले में रांची में सजा काट रहे हैं। फिलहाल स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण वह रांची के अस्पताल में भर्ती हैं।
अदालत ने सीबीआई और ईडी को निर्देश दिया कि वह दोनों मामलों में प्रसाद की जमानत याचिका पर अपना जवाब दें। यह मामला आईसीआरसीटीसी के दो होटलों की देखरेख का ठेका निजी फर्म को सौंपने में हुई अनियमितताओं से जुड़ा है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने आरसीटीसी घोटाला मामले में होने वाली सुनवाई 19 जनवरी 2019 तक के लिए मुलतबी कर दी है। जबकि लालू प्रसाद को इसी मामले में बेल दिए जाने के मामले में सुबह 11 बजे सुनवाई हुई जिसमें उन्हें अदालत ने अंतरिम जमानत दे दी है। उनकी सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा एक अलग कमरे में हुई।
पिछली सुनवाई में अदालत ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद को इस मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया था। पटियाला हाउस अदालत स्थित विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने कहा था उन्हें बताया गया है कि आरोपी अपने बीमार होने के कारण पूर्व दिशा-निर्देश के अनुसार अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं इसलिए उन्हें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित होने के लिए कहा गया था।
वहीं इस मामले में सुनवाई के लिए बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अदालत पहुंच गए हैं। जिसके बाद अदालत ने इस मामले की सुनवाई को 19 जनवरी 2019 तक के लिए मुलतबी कर दिया है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को इस मामले में दस्तावेजों की और स्क्रीटनी करने का आदेश भी दिया है। जबकि लालू यादव की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई 11 बजे सुनिश्चित है।
बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान लालू यादव को बीमार देखते हुए अदालत ने सीबीआई और ईडी को अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए लालू की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
वहीं, ईडी ने प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य लोगों के जमानत आवेदन का विरोध किया कि वे प्रभावशाली व्यक्ति है जो राहत देने पर जांच में बाधा डाल सकते हैं। मामला एक निजी फर्म को दो आईआरसीटीसी होटलों के परिचालन अनुबंध देने में कथित अनियमितताओं से संबंधित है।