कोलगेट ने माना, पतंजलि से टक्कर
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बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद की बढ़ती ग्रोथ को विदेशी मल्टीनेशनल कपंनियों ने खुद के लिए चुनौती के तौर पर लिया है। कोलगेट-पामोलिव के ग्लोबल चीफ एग्जिक्यूटिव इयान कुक ने बाबा रामदेव का पतंजलि आयुर्वेद से प्रतिस्पर्धा की बात को माना है। उनका कहना है कि पतंजलि के उत्पाद टक्कर दे सकते हैं और वह बाजार के साथ प्रतियोगिता में है। कोलगेट-पामोलिव के ग्लोबल चीफ एग्जिक्यूटिव इयान कुक ने यह बात एक इनवेस्टर कॉल में कही। कुक ने कहा कि भारत में नेचुरल सेगमेंट बहुत तेजी से बढ़ रहा है, जिसका लाभ उठाने के लिए वे अपने कोलगेट एक्टिव सॉल्ट टूथपेस्ट में एक बार फिर जान डालेंगे।
वहीं उन्होंने बताया कि कपंनी की योजना इस नेचुरल स्पेस में कुछ नए उत्पाद लॉन्च करने ही है। कुक ने कहा कि उत्पादों के प्रमोशनल एक्टिविटी और स्थानीय बाजार में बढ़ती प्रतियोगिता के कारण मार्केट शेयर पर प्रभाव पड़ रहा है।
कोलगेट का कहना है कि वह जल्द ही कोलगेट सेंसिटिव क्लोव एसेंस टूथपेस्ट भी लॉन्च करने जा रही है। दो से पांच साल के बच्चों के लिए माइल्ड और फ्रूटी फ्लेवर्स में टूथपेस्ट लाने की योजना बना रहा है।
मालूम हो कि कोलगेट-पामोलिव का मार्केट शेयर 54 फीसदी है जो कि आठ साल पहले 48 फीसदी था। वहीं कोलगेट की प्रतिद्घवंदी मल्टीनेशनल कंपनी यूनिलीवर का मार्केट शेयर 29 फीसदी से घटकर 21 फीसदी हो गया। 6,000 करोड़ की टूथपेस्ट कैटेगरी की ग्रोथ 2015 में 0.8 फीसदी रही। जबकि बाजार में नेचुरल सेगमेंट की हिस्सेदारी 13 से 14 फीसदी है।
गौरतलब है कि बीते 26 अप्रैल को योग गुरु बाबा रामदेव ने पतंजलि के कारोबार की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए नेस्ले और कोलगेट को चुनौती दी थी। उन्होंने बताया था कि पिछले 4 वर्षों में पतंजलि ने 1100 फीसदी की बढ़ोतरी कर ली है।