विदेश विभाग हर व्यक्ति को पासपोर्ट के लिए 50 किमी के दायरे में सुविधा उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है। मार्च 2018 तक देश में 251 नए पासपोर्ट केंद्र काम करना शुरू कर देंगे।
शनिवार को विज्ञान भवन में प्रशासनिक अधिकारियों को दिए जाने वाले कलाम सम्मान से सम्मानित किए जाने के दौरान विदेश मंत्रालय में सचिव ध्यानेश्वर एम मुलै ने यह जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ सालों में विदेशों में युद्घ, आपदा और विवादित क्षेत्रों में बसे करीब 90 हजार भारतीयों को बचाया गया है।
ध्यानेश्वर एम मुलै ने विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि विभाग
पासपोर्ट प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए डाक विभाग के साथ पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट केंद्रों की स्थापना की जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को पासपोर्ट से संबंधित सेवाएं नजदीक ही उपलब्ध कराई जा सकें।
विदेशों में चलाए गए बचाव अभियान के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि विदेश विभाग सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के उद्देश्य के साथ लोगों पर केंद्रित नीतियों के अनुसार कार्य कर रहा है। बचाव अभियान इंडियन कम्यूनिटी वेलफेयर फंड (आईसीडब्ल्यूएफ) के तत्वाधान में चलाया गया।
विभाग विदेश में संकट में फंसे किसी भी भारतीय मदद को हर समय तत्पर है। इसलिए तमाम चुनौतियों के बीच भी हमने युद्घ और आपदाओं में फंसे भारतीयों को निकाला है। 2009 में आईसीडब्ल्यूएफ का गठन का उद्देश्य भी यही था कि विदेशों में संकट में फंसे भारतीयों की मदद की जा सके। इसके तहत फंड को सिर्फ विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद के लिए ही किया जा सकता है।