नोटबंदी के बाद कैशलेस रिजर्वेशन की ओर कदम बढ़ा रही रेलवे को बड़ी चुनौती से जूझना पड़ रहा है। डेबिट और क्रेडिट कार्ड से बने टिकट का रिफंड यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। रिफंड की रकम किस खाते में जा रही है, इसकी जानकारी रेलवे और एसबीआई दोनों को नहीं है।
एहतियात के तौर पर रेलवे ने नियम में बदलाव कर रिफंड के लिए यात्रियों से टीडीआर (टिकट डिपाजिट रिसिप्ट) भरवाना शुरू कर दिया है। यानी कैशलेस की शुरुआत के बीच एक बार फिर रिफंड में मैनुअल की तरफ लौटना पड़ रहा है।
रिफंड को लेकर यह समस्या पूर्वोत्तर रेलवे के ही नहीं देश के उन सभी रेलवे आरक्षण केंद्रों पर बनी हुई है जो नोटबंदी के बाद कैशलेस योजना की तरफ बढ़े हैं।