सूत्रों के अनुसार, वाईएसआरसीपी के राज्यसभा सांसद विजयसाई रेड्डी की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष पक्ष रखने के लिए इंडिगो, विस्तारा, गोएयर, एअर इंडिया और स्पाइसजेट सहित कई एयरलाइंस को बुलाया गया है।
देशभर में बढ़ते हवाई किराए पर चर्चा के लिए परिवहन, पर्यटन और संस्कृति विभाग से संबंधित स्थायी समिति ने 5 अप्रैल को विभिन्न निजी एयरलाइंस और निजी हवाई यातायात संचालकों (एपीएओ) के प्रतिनिधियों को तलब किया है।
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सूत्रों के अनुसार, वाईएसआरसीपी के राज्यसभा सांसद विजयसाई रेड्डी की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष पक्ष रखने के लिए इंडिगो, विस्तारा, गोएयर, एअर इंडिया और स्पाइसजेट सहित कई एयरलाइंस को बुलाया गया है। यह आम आदमी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। अधिकांश उड़ानों पर अत्यधिक हवाई किराया चिंता का विषय है। इसलिए समिति संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर इसके पीछे के कारणों की तलाश करेगी।
वहीं, दूसरी ओर उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में व्यवधान और ईंधन की ऊंची कीमतों के चलते यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि के बावजूद एयरलाइंस की ओर से हवाई किराया कम करने की संभावना बहुत कम है।
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हाल ही में शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सदन में सवाल किया था कि क्या सरकार ने विमानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी और उपयोगकर्ता विकास शुल्क में चार गुना वृद्धि से संबंधित मसौदा पत्र जारी किया था। इससे हवाई जहाज का टिकट 30 फीसदी महंगा हो जाएगा और क्या सरकार ने यात्रियों पर इसके संभावित प्रभाव का आकलन किया है?
इसके जवाब में नागर विमानन राज्य मंत्री वीके सिंह ने संसद को बताया था कि भारत सरकार ने प्रमुख हवाई अड्डों पर वैमानिकी सेवाओं के शुल्क का निर्धारण करने के लिए 2009 में भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण (AERA) की स्थापना की है, जिसका मकसद यात्रियों पर लगाए जाने वाले शुल्क और सेवाओं के निर्धारित मानकों की निगरानी करना है।