फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहलगाम हमला: देश के खिलाफ काम कर रहे सोशल मीडिया मंचों पर कसेगा शिकंजा, संसदीय समिति ने मांगा विवरण

Mon, 05 May 2025 09:43 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संसद की एक स्थाई समिति ने सूचनाओं के प्रवाह की निगरानी करने वाले दो प्रमुख मंत्रालयों से पहलगाम आतंकी हमले के बाद "राष्ट्रीय हित के खिलाफ काम करता प्रतीत होने वाले" सोशल मीडिया मंचों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में विवरण मांगा है।
विज्ञापन
पहलगाम में आतंकी हमला - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संसद की एक स्थायी समिति ने हाल ही में दो प्रमुख मंत्रालयों—सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिकी तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय—से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया मंचों और इन्फ्लुएंसरों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी मांगी है। 
विज्ञापन


सूत्रों ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति ने इस बात को अपने संज्ञान में लिया है कि देश में कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मंच "देश के हित के खिलाफ काम कर रहे हैं, जिससे हिंसा भड़कने की संभावना है।"

समिति ने सूचना और प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालयों को लिखे पत्र में "आईटी अधिनियम 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत ऐसे मंचों पर प्रतिबंध लगाने के लिए की गई विचारित कार्रवाई" का विवरण मांगा है।
विज्ञापन


सूत्रों ने बताया कि पत्र दोनों मंत्रालयों के संबंधित सचिवों को भेजा गया है और उनसे आठ मई तक ब्योरा देने को कहा गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के खिलाफ कथित तौर पर सामग्री पोस्ट करने के बाद कई सोशल मीडिया हैंडल प्रतिबंधित कर दिया गया है। 

बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने कम से कम 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे। भारत ने इस भयावह घटना के लिए पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें