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Dorsey Row: 'विदेशी के बयानों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए'; डोर्सी के दावे पर चर्चा से संसदीय पैनल का इनकार

Thu, 15 Jun 2023 10:27 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज संचार और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के लिए संसदीय स्थायी समिति की बैठक हुई। जहां संसदीय पैनल ने ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी के मुद्दे पर चर्चा से इनकार कर दिया। 
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The New Parliament of India (संसद) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी के दावे पर उठा विवाद अभी शांत होता नहीं दिख रहा है। विपक्षी पार्टी के सांसद इस मामले में संसद की स्थायी समिति के समक्ष उठाने की मांग कर रहे हैं। इस बीच, समिति के बीजेपी सांसद और समिति के अध्यक्ष ने ट्विटर के पूर्व सीईओ के आरोपों पर चर्चा करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक विदेशी के संस्करण को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। बता दें कि आज यानी गुरुवार को संचार और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के लिए संसदीय स्थायी समिति की बैठक हुई। जहां संसदीय पैनल ने इस मुद्दे पर चर्चा से इनकार कर दिया। 

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समिति की बैठक में मौजूद एक विधायक ने इसके बारे में जानकारी दी। उनके मुताबिक, कुछ विपक्षी सांसदों ने इस मामले को उठाने की कोशिश की, लेकिन समिति के अध्यक्ष ने उन्हें ऐसा करने से परहेज करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा विचार-विमर्श के एजेंडे में नहीं था।

आज की बैठक का डेटा सुरक्षा था एजेंडा
जानकारी के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य एजेंडा 'नागरिकों की डेटा सुरक्षा और गोपनीयता विषय पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधियों का साक्ष्य' था। इस समिति में दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) सहित विभिन्न दलों के 31 सदस्य हैं। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वैज्ञानिकों सहित सचिव, अतिरिक्त सचिव और तीन अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। 
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जैक डोर्सी ने लगाए थे आरोप
इससे पहले, ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी ने एक यूट्यूब चैनल 'ब्रेकिंग पॉइंट्स' को इंटरव्यू दे रहे थे। इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे गए। इन्हीं सवालों में एक सवाल था कि क्या कभी किसी सरकार की तरफ से उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई? इसके जवाब में डोर्सी ने बताया कि ऐसा कई बार हुआ और फिर डोर्सी ने भारत का उदाहरण दिया। अपनी बात को विस्तार में बताते हुए डोर्सी ने कहा कि सरकार की तरफ से उनके कर्मचारियों के घरों पर छापेमारी की बात कही गई। साथ ही नियमों का पालन नहीं करने पर ऑफिस बंद करने की भी धमकी दी गई। डोर्सी ने कहा कि यह सब भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में हुआ।  

सरकार ने आरोपों पर किया था पलटवार 
जैक डोर्सी के आरोपों पर सरकार ने पलटवार भी किया था। भारत के आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ट्वीट करते हुए जैक डोर्सी के आरोपों को झूठा करार दिया था। चंद्रशेखर ने लिखा था कि यह ट्विटर के इतिहास के उस धुंधले दौर को साफ करने की कोशिश है, जब ट्विटर डोर्सी के कार्यकाल में लगातार भारतीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा था। साल 2020 से लेकर 2022 तक ट्विटर ने भारतीय कानूनों के मुताबिक काम नहीं किया और जून 2022 से भारतीय कानूनों का पालन शुरू किया। किसी को भी जेल नहीं हुई और ना ही ट्विटर को बंद किया गया। डोर्सी के कार्यकाल के दौरान ट्विटर को भारत की संप्रभुता और भारतीय कानूनों को स्वीकार करने में समस्या थी।

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