मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा है कि मणिपुर में जारी अशांति के लिए अवैध घुसपैठिए जिम्मेदार हैं। साथ ही उन्होंने मिजोराम नेशनल फ्रंट को मणिपुर के मामलों में दखल नहीं देने की चेतावनी दी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश में जारी हिंसा दो समुदायों के बीच की लड़ाई नहीं है। मुख्यमंत्री ने खमेनलोक में कल हुई फायरिंग की घटना की भी कड़ी निंदा की, जिसमें नौ लोग मारे गए थे। मणिपुर के सीएम ने इस घटना को आतंकवाद का कृत्य करार दिया।
उन्होंने कहा कि हमलावरों को गिरफ्तार करने के लिए उरंगपत और येंगांगपोकपी क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि मिजोरम नेशनल फ्रंट को मणिपुर के प्रशासनिक मामलों में दखल नहीं दें। सीएम एन. बीरेन ने कहा कि सभी विधायक और मंत्री शांति लाने के लिए जनता के साथ लगातार संपर्क में हैं। राज्यपाल के अधीन शांति समिति जल्द ही अपना काम शुरू करेगी।
इस बीच, विश्व हिंदू परिषद ने गुरुवार को कहा कि मणिपुर में हिंसा से समाज को 'भारी नुकसान' हुआ है। हिंदू संगठन ने लोगों से राज्य में शांति कायम करने की अपील की है।
पुलिस पर भरोसा नहीं, सेना करे सुरक्षा, आदिवासी फोरम की सुप्रीम कोर्ट में गुहार
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच आदिवासियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एक प्रमुख आदिवासी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से कुकी समुदाय के सफाये का सांप्रदायिक एजेंडा शुरू किया है। एनजीओ ने शीर्ष अदालत से केंद्र द्वारा दिए गए ‘कोरे आश्वासन’ पर भरोसा नहीं करने का आग्रह किया और सेना द्वारा अल्पसंख्यक कुकी आदिवासियों की सुरक्षा की मांग की। मणिपुर ट्राइबल फोरम, जिसने शीर्ष अदालत में एक अंतरिम आवेदन दायर किया है, ने दावा किया कि आश्वासन के बावजूद कुकी जनजाति के 81 और लोग 17 मई से मारे गए हैं और 31,410 विस्थापित हुए हैं।
शीर्ष अदालत ने 17 मई को ही मामले की आखिरी सुनवाई की थी। इसने असम के पूर्व पुलिस प्रमुख हरेकृष्ण डेका की अध्यक्षता में एक एसआईटी के गठन और तीन महीने के भीतर मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को दो करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने और परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी देने की भी मांग की।
मेडिकल कॉलेज की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने की तैयारी
हिंसाग्रत मणिपुर के चुराचांदपुर मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) में ऑफ लाइन कक्षाएं शुरू करने की योजना तैयार की गई है। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) ने चुराचांदपुर मेडिकल कॉलेज (सीअएमसी) के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए स्थिति सामान्य होने तक जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान, इंफाल और चुराचंदपुर मेडिकल कॉलेज, लमका में पढ़ाई की अनुमति दी है। चुराचांदपुर मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ (प्रो) एस इबोयमा सिंह द्वारा 14 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार दोनों कॉलेजों में 19 जून से ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होंगी।
भाजपा की नफरत की राजनीति से जल रहा राज्य : राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मणिपुर में हिंसा को लेकर गुरुवार को भाजपा पर तीखा प्रहार किया और कहा कि भाजपा की नफरत की राजनीति के कारण मणिपुर जल रहा है और कई लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा, आइए इस ‘नफरत के बाजार’ को बंद करें और मणिपुर में हर दिल में ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलें। गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर के विषय पर पूरे देश को निराश किया है। गांधी ने ट्वीट किया, भाजपा की नफरत की राजनीति के कारण मणिपुर 40 दिनों से जल रहा है जिस वजह से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। प्रधानमंत्री ने भारत को निराश किया है और वह पूरी तरह चुप हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति बहाली के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा जाना चाहिए।