फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Parliamentary Panel: संसदीय समिति ने ओबीसी प्रतिनिधित्व को लेकर की सरकार की आलोचना, शुल्क में राहत की मांग की

Fri, 08 Aug 2025 10:13 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
विज्ञापन
नया संसद भवन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
संसद की एक समिति ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रतिनिधित्व, शुल्क में राहत और आंकड़ों की पारदर्शिता से जुड़ी महत्वपूर्ण सिफारिशों पर कार्रवाई न करने के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपी) की आलोचना की। समिति ने अपने नौवीं रिपोर्ट में कहा है कि सरकार ने पिछली आधी सिफारिशों को स्वीकार किया है, लेकिन तीन अहम सुझावों पर अभी भी पूरा ध्यान नहीं दिया है। इनमें सभी चयन और पदोन्नति बोर्डों में ओबीसी सदस्य को अनिवार्य रूप से शामिल करना, ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आवेदन और प्रवेश परीक्षा का पूरा शुल्क माफ करना और प्रतिनिधित्व के आंकड़ों को सार्वजनिक करना शामिल हैं।
विज्ञापन


चयन बोर्डों के मामले में समिति ने डीओपीटी की 'आलसी और अधूरी' प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताई। समिति ने कहा कि जब किसी पद के लिए 10 या उससे ज्यादा जगह खाली हों, तब ओबीसी का प्रतिनिधि होना जरूरी होता है। लेकिन समिति ने यह भी कहा कि अगर खाली पद 10 से कम भी हों, तब भी ओबीसी प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से होना चाहिए।

ये भी पढ़ें: डीपीडीपी अधिनियम में कोई बदलाव नहीं करेगी सरकार; अक्सर पूछे जाने वाले सवालों पर देगी जानकारी
विज्ञापन


संसदीय समिति ने मंत्रालय की आलोचना करते हुए कहा कि उसने इस बदलाव को लागू करने के लिए कोई 'विश्वसनीय उपाय' या 'निर्धारित समयसीमा' नहीं दी है। सिर्फ भर्ती के आंकड़े और खाली पदों को भरने का जिक्र करना समिति की सिफारिशों को पूरा नहीं करता। समिति ने यह कहते हुए ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क माफ करने की अपनी मांग दोहराई कि कई उम्मीदवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और शिक्षा या सरकारी नौकरी के लिए शुल्क देना उनके लिए कठिन होता है।
विज्ञापन


 डीओपीटी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए शुल्क पहले से ही नाममात्र है। लेकिन समिति ने इस बात पर आपत्ति जताई कि डीओपीटी ने शिक्षण संस्थानों में प्रवेश शुल्क पर कुछ नहीं कहा। समिति ने सुझाव दिया कि इस मामले में अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर कदम उठाए जाएं। आंकड़ों में पारदर्शिता के मामले में समिति ने डीओपीटी की वार्षिक रिपोर्ट में ओबीसी प्रतिनिधित्व के आंकड़े शामिल करने का स्वागत किया, लेकिन आंकड़ों के संग्रह में देरी पर चिंता जताई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें