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CVC: जनता की शिकायतों के लिए उत्तरदायी अधिकारियों के मूल्यांकन के लिए बनाया जाए तंत्र, संसदीय समिति का सुझाव

Thu, 11 Aug 2022 10:39 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संसदीय स्थायी समिति ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट संसद में पेश की है। इसमें समिति ने सिफारिश की है कि जन शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को इनाम या दंड देने की व्यवस्था की जाए।
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जन शिकायत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आम जनता की समस्याओं पर अब सही ढ़ंग से और जल्दी समाधान हो सकेगा। इतना ही नहीं, आम लोगों की समस्याओं का समाधान सही तरीके से ना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ एक्शन भी लिया जा सकता है। इसके अलावा जो अधिकारी सकारात्मक रूप से जनता की सेवा के लिए काम करेंगे, उन्हें इनाम भी दिया जाएगा। दरअसल, संसदीय स्थायी समिति ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट संसद में पेश की है। इसमें समिति ने सिफारिश की है कि जन शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को इनाम या दंड देने की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा समिति ने ये सिफारिश भी की है कि विभागों को नागरिकों की शिकायतों से निपटने वाले सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए एक तंत्र बनाना चाहिए।

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समिति ने ये सुझाव भी दिए
संसदीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट मे सरकार को सुझाव दिया है कि जनता की शिकायतों पर काम करने वाले अधिकारियों के मुल्यांकन के लिए भी व्यवस्था बनाई जाए। मुल्यांकन के आधार पर उनके खिलाफ दंड या उनको ईनाम देने का अधिकार शिकायत प्राधिकरण को देना चाहिए। गौरतलब है कि प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने शिकायत प्रबंधन तंत्र को अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार बनाने के लिए केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली में शिकायत को बंद करने से पहले एक विस्तृत आदेश कार्रवाई रिपोर्ट बनाने का निर्देश दिया है। 

संसदीय स्थायी समिति ने अपनी इस रिपोर्ट में लोक शिकायत विभाग की उस पहल की तारीफ की है। जिसमें लोक शिकायत विभाग ने संगठनों और मंत्रालयों को पहले एक विस्तृत आदेश कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया था। समित ने अपनी रिपोर्ट नें कहा है कि लोक शिकायत विभाग की इस पहल को सभी संगठनों, विभागों और मंत्रालयों में स्वेच्छा से लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, डीएआरपीजी एक स्थायी फीडबैक कॉल सेंटर की स्थापना भी कर सकता है। इसके जरिए वह नागरिकों से उनके फीडबैक लेगा। 

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