संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि नौकरशाहों में व्यवहार संबंधी दक्षता को बढ़ाने और उनमें लोकसेवा के कार्यान्वयन की सही भावना पैदा करने की आवश्यकता है। यह रिपोर्ट कार्मिक, लोक शिकायक और विधि एवं न्याय संबंधी स्थायी समिति ने पेश की है। इसमें नागरिकों के लिए वस्तुओं और सेवाओं की समय से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योजना लाने पर भी जोर दिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस योजना में बेहतर काम करने पर सरकारी अधिकारियों के लिए पुरस्कार देने और गलती करने पर दंड देने संबंधी कदम भी शामिल किए जाएं, ताकि यह योजना प्रभावी साबित हो सके। समिति का कहना है कि सरकारी योजनाएं लागू करने और सेवाओं की उपलब्धता को लेकर एक बड़ी रुकावट यह है कि नौकरशाह इन्हें लेकर उदासीन रहते हैं। नौकरशाहों में लोकसेवा को लेकर सही भावना पैदा करने के लिए उचित कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए।
समिति ने यह भी कहा है कि केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में प्राथमिकता के आधार पर ई-ऑफिस की व्यवस्था अमल में लाई जाए। अधिकारियों को ई-ऑफिस को लेकर उचित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। अपनी रिपोर्ट में समिति ने कहा है कि अधिकारियों को इस बात के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश की जानी चाहिए कि वह ई-ऑफिस व्यवस्था के माध्यम से ही अपने कार्यालय के काम निपटाएं।