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MHA: संसदीय समिति ने तीनों आपराधिक कानून बदलने वाले विधेयकों की शुरू की जांच, गृह सचिव ने बताईं विशेषताएं

Fri, 25 Aug 2023 06:53 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

तीनों बिल मौजूदा कानूनों में आमूल-चूल बदलाव की मांग करते हैं, जिन्हें गृह मंत्री शाह ने औपनिवेशिक काल का बताया है। शाह ने उन्हें लोगों की समकालीन जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने वाले नए अधिनियमों से बदल दिया है।
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गृह मंत्रालय - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और साक्ष्य अधिनियम को बदलने वाले तीन विधेयकों की संसदीय समिति ने पहली बैठक के बाद जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने प्रस्तावित कानून के विभिन्न पहलुओं पर बृहस्पतिवार को एक विस्तृत प्रस्तुति दी। गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में तीन विधेयक भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयक पेश किए थे और सदन ने उन्हें स्थायी समिति के पास भेज दिया था।

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सूत्रों के मुताबिक, द्रमुक सदस्य दयानिधि मारन ने बैठक के दौरान विधेयक में दिए गए हिंदी नामों पर अपनी अस्वीकृति व्यक्त की और सुझाव दिया कि समिति को विभिन्न राज्यों में बार के सदस्यों के साथ परामर्श करना चाहिए, क्योंकि आपराधिक मुकदमे जिला स्तर की अदालतों में होते हैं। सूत्रों ने कहा कि समिति हितधारकों के विचार जानने के लिए राज्यों का दौरा कर सकती है। भल्ला शुक्रवार और शनिवार को भी अपनी प्रस्तुति देंगे।

तीन माह में संसद को रिपोर्ट सौंपेगी समिति
तीनों बिल मौजूदा कानूनों में आमूल-चूल बदलाव की मांग करते हैं, जिन्हें गृह मंत्री शाह ने औपनिवेशिक काल का बताया है। शाह ने उन्हें लोगों की समकालीन जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने वाले नए अधिनियमों से बदल दिया है। भाजपा सदस्य बृजलाल की अध्यक्षता वाली गृह मामलों की स्थायी समिति को तीन महीने में अपनी रिपोर्ट संसद को सौंपनी है।

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