फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lok Sabha: 'इतिहास में भी प्रोटेम स्पीकर कभी मुद्दा नहीं रहा', 18वीं लोकसभा के पहले सत्र से पूर्व बोले रिजिजू

Mon, 24 Jun 2024 10:53 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

किरन रिजिजू ने कहा कि वह संसद को चलाने के लिए समन्वय की सकारात्मक रूप से उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि वह संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर संसद सदस्यों की मदद के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
विज्ञापन
किरेन रिजिजू। - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत आज से हो रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भर्तृहरि महताब को राष्ट्रपति भवन में प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। सात बार के सांसद भर्तृहरि महताब को अध्यक्षों के एक पैनल के साथ सोमवार और मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही चलाने का काम सौंपा गया है। ये 18वीं लोकसभा के सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। बुधवार को नए अध्यक्ष के चुनाव के दौरान वह सदन की अध्यक्षता करेंगे। बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू ने 20 जून को महताब के साथ अद्यक्षों के एक पैनल की नियुक्ति की थी। 
विज्ञापन


किरेन रिजिजू ने कहा, "मैंने सभी नेताओं से मुलाकात की है। सभी इस बात पर सहमत हैं कि भारतीय संसद के इतिहास में प्रोटेम स्पीकर कभी मुद्दा नहीं रहा और प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति मूल रूप से नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने और नए अध्यक्ष के चुनाव में मदद करने के लिए होती है।"

सोमवार को किरन रिजिजू ने कहा कि वह संसद को चलाने के लिए समन्वय की सकारात्मक रूप से उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि वह संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर संसद सदस्यों की मदद के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे। रिजिजू ने कहा, 18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत आज से हो रही है। मैं सभी नवनिर्वाचित माननीय सदस्यों का स्वागत करता हूं। मैं सकारात्मक रूप से सदन चलाने के लिए समन्वय की उम्मीद कर रहा हूं।
विज्ञापन


प्रोटेम स्पीकर को लेकर विपक्ष का विवाद
बता दें कि प्रोटेम स्पीकर को लेकर विपक्ष लगातार भाजपा पर निशाना साध रहा है। विपक्ष परंपराओं का हवाला देते हुए उपाध्यक्ष का पद सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस को देने की मांग कर रहा है। विपक्ष के.सुरेश को प्रोटेम बनाने की मांग पर अड़ा है। इस पर किरन रिजिजू ने बताया कि महताब लगातार सात बार चुनाव जीते हैं जबकि के.सुरेश 1998 और 2004 में दो चुनाव हारे हैं। ऐसे में उनका रिकॉर्ड लगातार चार चुनाव जीतने का ही है। दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि के.सुरेश आठ बार चुनाव जीते हैं। महताब ने पहली बार 1998 में लोकसभा चुनाव जीता जबकि सुरेश 1989 से ही लोकसभा सदस्य हैं। दो चुनाव हारने से यह तथ्य नहीं बदलता कि वह आठ बार सांसद रहे हैं जो महताब से एक कार्यकाल अधिक है। 
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें