कांग्रेस और सरकार के बीच राफेल मुद्दे पर बुधवार को तब विवाद और गहरा गया जब कांग्रेस ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के कथित दावे का मुद्दा उठाया और राहुल गांधी ने लोकसभा में इस मामले में गोवा के एक मंत्री का कथित टेप चलाने का प्रयास किया। कांग्रेस ने पर्रिकर के उस कथित दावे का मुद्दा उठाया कि उनके पास राफेल लड़ाकू विमान सौदे से जुड़ी फाइल है जो उनके बेडरूम में पड़ी है।
लोकसभा में हंगामा बढ़ने के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि टेप ‘झूठा और मनगढ़ंत’ है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष से पूछा कि क्या वह इसकी पुष्टि कर सकते हैं? जेटली ने यह भी कहा कि टेप के झूठा पाए जाने पर गांधी को विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव और यहां तक कि निष्कासन का सामना भी करना पड़ सकता है। दूसरी तरफ पर्रिकर ने कहा कि कांग्रेस राफेल मुद्दे पर तथ्य गढ़ने के लिए हताशा भरे प्रयास कर रही है क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने उसके झूठ का पर्दाफश कर दिया।
पर्रिकर ने कहा कि जिस ऑडियो क्लिप की बात कही जा रही है, उस तरह की कोई चर्चा कैबिनेट या किसी अन्य बैठक में नहीं हुई। राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए भारत और फ्रांस के बीच हुए समझौते के समय पर्रिकर रक्षा मंत्री थे। इससे पहले आज दिन में कांग्रेस ने पर्रिकर के कथित दावे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा और पूछा कि क्या यही कारण है जिसकी वजह से संयुक्त संसदीय समिति (जे पी सी) जांच का आदेश नहीं दिया गया।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला गोवा के मंत्री विश्वजीत राणे और एक अन्य व्यक्ति के बीच कथित बातचीत का टेप लेकर आए। सुरजेवाला ने संसद के बाहर मीडिया के समक्ष टेप चलाते हुए दावा किया कि राणे को कथित तौर पर यह कहते सुना जा सकता है कि पिछले सप्ताह गोवा कैबिनेट की बैठक में पर्रिकर ने कहा था कि उनके पास राफेल सौदे से जुड़ी फाइल और तमाम कागजात हैं जो उनके बेडरूम में पड़े हैं।
उन्होंने राणे के हवाले से कहा, मुख्यमंत्री ने बहुत ही रोचक बयान दिया कि मेरे पास राफेल से जुड़ी सारी सूचना है जो मेरे बेडरूम में पड़ी है...इसका मतलब है कि उन्होंने इसे रोक रखा है। उन्होंने कहा कि यह यहां केवल मेरे फ्लैट में मेरे बेडरूम में है, राफेल पर प्रत्येक कागजात।