संयुक्त राष्ट्र को बांग्लादेश में शांति सेना भेजने को बोले भारत : तृणमूल
बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ लगातार बढ़ रही हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं का मामला मंगलवार को लोकसभा में गूंजा। टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने हिंदुओं की भयावह स्थिति का हवाला देते हुए पूरे मामले में सरकार से दखल करने और संयुक्त राष्ट्र से बांग्लादेश में शांति सेना भेजने की अपील करने की मांग की।
भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने भी हालात पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि वहां हिंदु होना अब अपराध हो गया है। बंदोपाध्याय ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय संकट में हैं। शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद चुन-चुन कर हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। उनकी हत्या की जा रही है। झूठे मुकदमे दर्ज कर इस समुदाय के लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। सरकार को पूरे मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। बंदोपाध्याय ने कहा कि अल्पसंख्यक हिंदुओं की हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार जो भी कदम उठाएगी, प. बंगाल सरकार साथ देगी। भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने कहा कि जिस बांग्लादेश के निर्माण में भारत की मुख्य भूमिका रही है, वही देश अब अल्पसंख्यक हिंदुओं को तबाह कर रहा है। उन्होंने हिंदुओं की हत्या पर चिंता जताते हुए सरकार से सभी जरूरी कदम उठाने की अपील की।
संशोधन विधेयक मंजूर...20 साल में हासिल करेंगे तेल और गैस क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भरता
तेल और गैस की खोज और उत्पादन को नियंत्रित करने वाले मौजूदा कानून में संशोधन और इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए तेल क्षेत्र (विनियमन और विकास) संशोधन विधेयक, 2024 को मंगलवार को राज्यसभा की मंजूरी मिल गई। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि तेल और गैस क्षेत्र में उच्च निवेश और लंबी अवधि की आवश्यकता होती है। इस क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भरता के लिए हमें और 20 साल चाहिए। हमें न केवल अपने संचालकों, बल्कि विदेशी निवेशकों को भी विश्वास दिलाने के लिए इस कानून की जरूरत है।
पीएम मोदी बोले-ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को तेल क्षेत्र संशोधन विधेयक, 2024 को महत्वपूर्ण कानून बताते हुए कहा कि इससे ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और यह भारत की समृद्धि में अहम योगदान देगा। प्रस्तावित कानून तेल और गैस की खोज और उत्पादन को नियंत्रित करने वाले मौजूदा कानून में महत्वपूर्ण संशोधन है।