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संसद सत्र: 'आर्थिक कुप्रबंधन के कारण लोगों की कम हो रही आय, बढ़ रही मंहगाई'; लोकसभा में सरकार पर बरसे शशि थरूर

Wed, 07 Feb 2024 04:31 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शशि थरूर ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में युवा, महिला, गरीब और किसान के रूप में चार वर्गों की बात की है, लेकिन हकीकत यह है कि इस सरकार में इन्हीं चार वर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी है। शशि थरूर ने कहा कि ये सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारा लेकर सत्ता में आई थी, लेकिन बीते 10 सालों में जनता को धोखा दिया गया है।
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शशि थरूर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार के कुप्रबंधन के कारण ही लोगों की आय कम हो गई है और देश में महंगाई बढ़ रही है। थरूर ने इस दौरान  केंद्र की मोदी सरकार पर कई क्षेत्रों के महत्वपूर्ण आंकड़े छिपाने का आरोप भी लगाया।  उन्होंने कहा कि वर्तमान में एनडीए का मतलब 'नो डेटा अवेलेबल' हो गया है।  

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लोकसभा में अंतरिम बजट 2024-25 पर बहस की शुरुआत करते हुए थरूर ने ये आरोप लगाए। थरूर ने कहा कि देश में आर्थिर प्रबंधन को सही करने की जरूरत है। इसी कुप्रबंधन के कारण ही  बीते10 सालों में मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग और गरीबों की आय कम हो गई है। आगे बोलते हुए कांग्रेस नेता यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार ट्रिकल डाउन इकोनॉमी में विश्वास करती है। ऊपर से पैसा खर्च करें, नीचे किसी को फायदा होगा, लेकिन हम ट्रिकल अप इकोनॉमी में विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रक्रिया में जनता को हितधारक होना चाहिए, लेकिन सरकार उनके प्रति उदासीन है। सरकार का ध्यान केवल पूंजीगत व्यय पर केंद्रित है।

इस दौरान उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी निशाना साधा। उन्होंने वित्तमंत्री के इस कथन कि एनडीए सरकार में जीडीपी का मतलब गवर्मेंट, डेवलपमेंट और परफार्मेंस है, का खंडन किया। उन्होंनें कहा कि वर्तमान में जी का मतलब गर्वमेंट इंट्रूजन (सरकारी घुसपैठ), डी का मतलब डेमोग्राफिक बिट्रेयल (जनसांख्यिकीय विश्वासघात) और पी का मतलब पावर्टी कान्टिन्यू (लगातार बढ़ती गरीबी) है। उन्होंने कहा कि इस सदन में बैठे सभी लोगों को यह अहसास होना चाहिए कि सरकार अंतरिम बजट के साथ 'स्मोक एंड मिरर' वाला खेल खेल रही है। इसमें अर्थव्यवस्था और आम आदमी को परेशान करने वाले वास्तविक संकटों को दूर करने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
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उन्होंने आगे कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में युवा, महिला, गरीब और किसान के रूप में चार वर्गों की बात की है, लेकिन हकीकत यह है कि इस सरकार में इन्हीं चार वर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी है। शशि थरूर ने कहा कि ये सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारा लेकर सत्ता में आई थी, लेकिन बीते 10 सालों में जनता को धोखा दिया गया है। आज युवा नौकरी की तलाश में बिना अपनी जान की फिक्र किए इस्राइल तक जाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार दावा करती है कि उसने देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है, लेकिन अगर इसमें सच्चाई है तो 81 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देने की जरूरत क्यों पड़ रही है?’ सरकार उन सभी क्षेत्रों फेल साबित हुई है, जहां वह अपनी तारीफ करती है। 

भाजपा का पलटवार 
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के शासन में तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और कोटाराज का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी यहां 10 साल से हैं, आप 70 साल से सत्ता में हैं। जब आप कहते हैं कि गरीबी खत्म नहीं हो रही है, तो क्या आपने कभी खुद पर गौर किया है? इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

दुबे ने कहा, कांग्रेस ने लाइसेंस, परमिट, कोटा राज बनाया, केवल कांग्रेस समर्थित उद्योगपति ही कार, स्कूटर, सीमेंट बना सकते थे। उन्होंने कहा, 2004 से 2014 तक संप्रग की सरकारों के समय ‘लूट राज’ रहा, जिसमें 2-जी स्पेक्ट्रम समेत अनेक घोटाले सामने आए। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दस साल के शासन में अयोध्या में राम मंदिर ही स्थापित नहीं हुआ है, बल्कि देश में रामराज भी स्थापित हुआ है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में केवल उन स्थानों से निकाली जा रही है, जो बांग्लादेशी घुसपैठियों के केंद्र हैं। 

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