कोविड-19 महामारी के बीच शुरू हुए मानसून सत्र में संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से जारी रखने के लिए कई सुरक्षात्मक कदम उठाए गए। महामारी से बचने के लिए दो गज की दूरी के मूलमंत्र को ध्यान में रखते हुए मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा के कुछ सदस्यों ने राज्यसभा के कक्ष में बैठकर सदन की कार्यवाही में शिरकत की। पहली बार एप के जरिये सांसदों की उपस्थिति दर्ज की गई। इस दौरान सभी सांसद मास्क पहने हुए नजर आए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सामाजिक दूरी के मानकों को ध्यान में रखते हुए दोनों ही सदनों की कार्यवाही को चलाने के लिए नियम और प्रक्रियाओं में ढील दी गई है। इनके तहत लोकसभा के सदस्य राज्यसभा में बैठ सकेंगे और राज्यसभा के लोकसभा में। सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही सुबह नौ से अपराह्न एक बजे तक हुई, वहीं राज्यसभा दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक बैठी।
हालांकि मंगलवार से राज्यसभा सुबह व लोकसभा में कार्यवाही दोपहर में होगी। बिरला ने कहा, नई प्रक्रिया के तहत सांसद को अपनी बात कहने के लिए खड़े होने की जरूरत नहीं होगी, ऐसा कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए किया गया है। लोकसभा में करीब 200 के बैठने 50 से ज्यादा के विजिटर गैलरी में बैठने का इंतजाम किया गया है।
नहीं दिखा, विरोध प्रदर्शन, सीटों के आसपास लगी ग्लास शील्ड
पहले दिन वेल में विपक्ष की तरफ से किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला, जो पहले एक सामान्य रूप से देखने को मिलता था। लोकसभा में जहां पहले एक बेंच पर छह सदस्य बैठते थे वहां अब तीन सदस्यों के बैठेंगे। सांसदों को संक्रमण से बचाने के लिए उनकी सीटों के आसपास ग्लास जैसी शीट लगाई गई है। सभी सांसद मास्क लगाकर पहुंचे थे जबकि टीएमसी के कल्याण बनर्जी समेत कुछ सांसद फेस शील्ड लगाकर भी सदन में पुहंचे। लोकसभा के चंद सांसद ही राज्यसभा में बैठे।
स्पीकर के आसन के दायी तरफ की ट्रेजरी बेंच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बैठे। इनकी सीटों को क्रमश: एक ,दो व तीन नंबर दिए गए थे। वहीं विपक्षी की तरफ से आगे की तरफ से पहली बेंच पर डीएमके टीआर बालू और कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी मौजूद रहे। पीएम के सदन में आते ही भारत माता की जय के नारों से उनका अभिवादन किया गया।
एप से लगी हाजिरी
लोकसभा सचिवालय के मुताबिक पहली बार सदन में सांसदों की हाजिरी एप से दर्ज हुई। इसके लिए अटेंडेंस रजिस्टर एप का इस्तेमाल किया गया। इसे नेशनल इंर्फोमेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने तैयार किया है।