संसद ने पेट्रो क्षेत्र में अहम सुधारों को लागू करने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने संबंधी तेल क्षेत्र (विनियमन तथा विकास) संशोधन विधेयक, 2024 को मंजूरी दे दी। इसका मकसद खनिज तेल उत्खनन के लिए सिंगल परमिट प्रणाली लाने और समग्र ऊर्जा परियोजनाओं का विकास करना है। राज्यसभा बिल को पहले ही मंजूरी दे चुका है। बिल के कानूनी जामा पहनने के बाद तेल व गैस की खोज व उत्पादन के लिए लाइसेंस देने की प्रक्रिया सरल हो जाएगी। निजी और विदेशी निवेश बढ़ेगा। खनन के दैरान पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
चहेते कारोबारियों की हिफाजत कर रही सरकार : कांग्रेस
कांग्रेस सांसद गोवाल पडवी ने कहा कि बिल में सजा के प्रावधान को जुर्माने में तब्दील कर सरकार निजी कंपनियों को संरक्षण दे रही है। चहेते कारोबारियों की हिफाजत करने की कोशिश कर रही है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में असहजता की स्थिति पैदा होगी।
निजी कंपनियों का होगा वर्चस्व : तृणमूल
तृणमूल कांग्रेस सांसद प्रतिमा मंडल ने कहा कि सर्वाधिक चिंता की बात यह है कि इस िबल ने तेल क्षेत्र पर वर्चस्व बनाने के लिए निजी कंपनियों के लिए द्वार खोल दिए हैं। बड़ी निजी कंपनियां कम सरकारी हस्तक्षेप के बीच उत्खनन करेंगी। बिल में प्रावधान है कि कोई भी बिना वैध पट्टे के खनन कार्य नहीं कर सकेगा, लेकिन बिल राज्य सरकार को उत्खनन की निगरानी या नियंत्रण की पर्याप्त शक्ति नहीं देता। यानी प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण सरकार के हाथों से निजी कंपनियों के पास चला जाएगा।