लोक लेखा समिति की उप समिति गृह सचिव राजिव महर्षि से खासी नाराज है। उप समिति के मुताबिक महर्षि ने विशेषाधिकार कार्यवाही का उल्लंघन किया है। ऐसा माना जा रहा है कि संसदीय पैनल इसके चलते उनके खिलाफ सख्त कदम उठा सकता है। दरअसल, मंगलवार को कॉमनवेल्थ गेम्स में हुई गड़बड़ियों पर महालेखा परiक्षक की रिपोर्ट पर मीटिंग हुई।
उपसमिति की इस मीटिंग को भर्तुहरी महताब की अध्यक्षता में रखा गया। इसमें सीबीआई, दिल्ली विकास प्रधाकिरण, एनडीएमसी, दिल्ली पुलिस व अन्य बड़े विभागों के अधिकारी शामिल हुए। इससे पहले महर्षि की ओर से सूचित किया गया कि वे दिल्ली से बाहर होंगे, इसलिए वे इस मीटिंग में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
लेकिन मंगलवार को महर्षि दिल्ली में ही मौजूद थे, क्योंकि उनका टूर प्लान रद्द हो गया था। इसी से नाराज महताब और बाकी सदस्यों ने महर्षि के खिलाफ कदम उठाने की मांग की है। महर्षि ने अपनी सफाई में कहा कि वे उत्तर प्रदेश में चुनाव कैंपेनिंग से लौटे गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने गए थे, लेकिन समिति ने कहा कि ये मीटिंग बेहद जरूरी थी और उन्हें वहां मौजूद होना चाहिए थे।
महताब ने हाउस पैनल से महर्षि के टूर प्लान पर रिपोर्ट मांगी है। महताब समेत उपसमिति के बाकी सदस्य जैसे निशिकांत दुबे, अजय संचेती, शिवकुमार सी उदसाई (बीजेपी), चंद्रकांत कीर्तिकर गजानन (शिवसेना) और पी वेनुगोपाल (एआईएडीएमके) ने महर्षि के इस रवैये के खिलाफ नाराजगी जताई है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के मुताबिक सभी ने कहा कि वहां सभी मौजूद थे और जब महर्षि दिल्ली से बाहर नहीं थे तो उन्हें मीटिंग में आना चाहिए था।