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New Parliament Building: पीएम बोले- वो दिन दूर नहीं जब दुनिया कहेगी भारत लोकतंत्र की जननी है

Thu, 10 Dec 2020 03:29 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

खास बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नए संसद भवन की आधारशिला रखी। सर्वधर्म प्रार्थना के बाद संसद भवन की नींव रखी गई। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रियों सहित उद्योगपति रतन टाटा और कई विदेशी राजदूतों ने हिस्सा लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में अब भारतीयता के विचारों के साथ नई संसद बनने जा रही है, हम देशवासी मिलकर संसद के नए भवन को बनाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं वो दिन कभी नहीं भूल सकता जब 2014 में मैं पहली बार सांसद के तौर पर संसद भवन पहुंचा था। मैंने लोकतंत्र के इस मंदिर को सिर झुकाकर प्रणाम किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में लोकतंत्र एक संस्कार है। भारत के लिए लोकतंत्र जीवन मूल्य है, जीवन पद्धति है, राष्ट्र जीवन की आत्मा है। उन्होंने कहा कि विडंबना देखिए आज भारत का लोकतंत्र हमें पश्चिमी देशों से समझाया जाता है। जब हम विश्वास के साथ अपने लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवगान करेंगे तो वो दिन दूर नहीं जब दुनिया भी कहेगी- भारत लोकतंत्र की जननी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वाद-संवाद संसद के भीतर हो या संसद के बाहर इससे राष्ट्रसेवा का संकल्प झलकना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से ये प्रण लेने को कहा कि हमारे लिए देशहित से बड़ा और कोई हित कभी नहीं होगा। यहां पढ़ें इससे जुड़े सभी अपडेट्स-
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : Twitter
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लाइव अपडेट

02:47 PM, 10-Dec-2020

हमारे लिए देशहित से बड़ा और कोई हित कभी नहीं होगा

  • हम भारत के लोग, ये प्रण करें- हमारे लिए देश के संविधान की मान-मर्यादा और उसकी अपेक्षाओं की पूर्ति, जीवन का सबसे बड़ा ध्येय होगी।
  • हम भारत के लोग, ये प्रण करें- हमारे लिए देशहित से बड़ा और कोई हित कभी नहीं होगा। हम भारत के लोग, ये प्रण करें- हमारे लिए देश की चिंता, अपनी खुद की चिंता से बढ़कर होगी। हम भारत के लोग, ये प्रण करें- हमारे लिए देश की एकता, अखंडता से बढ़कर कुछ नहीं होगा।
  • हमें संकल्प लेना है...ये संकल्प हो इंडिया फर्स्ट का। हम सिर्फ और सिर्फ भारत की उन्नति, भारत के विकास को ही अपनी आराधना बना लें। हमारा हर फैसला देश की ताकत बढ़ाए। हमारा हर निर्णय, हर फैसला, एक ही तराजू में तौला जाए। और वो है- देश का हित सर्वोपरि।

02:44 PM, 10-Dec-2020

लोकतंत्र के इस मंदिर का कोई विधि-विधान नहीं है

  • भारत की एकता-अखंडता को लेकर किए गए उनके प्रयास, इस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की ऊर्जा बनेंगे। जब एक एक जनप्रतिनिधि, अपना ज्ञान, बुद्धि, शिक्षा, अपना अनुभव पूर्ण रूप से यहां निचोड़ देगा, उसका अभिषेक करेगा, तब इस नए संसद भवन की प्राण-प्रतिष्ठा होगी।
  • लोकतंत्र के इस मंदिर में इसका कोई विधि-विधान भी नहीं है। इस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा करेंगे इसमें चुनकर आने वाले जन-प्रतिनिधि। उनका समर्पण, उनका सेवा भाव, इस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा करेगा। उनका आचार-विचार-व्यवहार, इस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा करेगा।
  • हमें याद रखना है कि वो लोकतंत्र जो संसद भवन के अस्तित्व का आधार है, उसके प्रति आशावाद को जगाए रखना हम सभी का दायित्व है। हमें ये हमेशा याद रखना है कि संसद पहुंचा हर प्रतिनिधि जवाबदेह है। ये जवाबदेही जनता के प्रति भी है और संविधान के प्रति भी है।

02:40 PM, 10-Dec-2020

राष्ट्रसेवा का संकल्प झलकना चाहिए

  • पॉलिसीज में अंतर हो सकता है, पॉलिटिक्स में भिन्नता हो सकती है, लेकिन हम पब्लिक की सेवा के लिए हैं, इस अंतिम लक्ष्य में कोई मतभेद नहीं होना चाहिए। वाद-संवाद संसद के भीतर हों या संसद के बाहर, राष्ट्रसेवा का संकल्प, राष्ट्रहित के प्रति समर्पण लगातार झलकना चाहिए।
  • भारत में लोकतंत्र, हमेशा से ही गवर्नेंस के साथ ही मतभेदों को सुलझाने का माध्यम भी रहा है। अलग विचार, अलग दृष्टिकोण, ये एक वाइब्रेंट डेमोक्रेसी को सशक्त करते हैं। डिफरेंसिज के लिए हमेशा जगह हो लेकिन डिसकनेक्ट कभी ना हो, इसी लक्ष्य को लेकर हमारा लोकतंत्र आगे बढ़ा है।
  • भारत के लोकतंत्र में समाई शक्ति ही देश के विकास को नई ऊर्जा दे रही है, देशवासियों को नया विश्वास दे रही है। भारत में लोकतंत्र नित्य नूतन हो रहा है। भारत में हम हर चुनाव के साथ वोटर टर्नआउट को बढ़ते हुए देख रहे हैं।

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02:37 PM, 10-Dec-2020

भारत लोकतंत्र की जननी है

  • विडंबना देखिए आज भारत का लोकतंत्र हमें पश्चिमी देशों से समझाया जाता है। जब हम विश्वास के साथ अपने लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवगान करेंगे तो वो दिन दूर नहीं जब दुनिया भी कहेगी- India is mother of democracy (भारत लोकतंत्र की जननी है।)
  • हम गर्व से कह सकते हैं कि हमारे देश ने उन आशंकाओं को न सिर्फ गलत साबित किया, बल्कि 21वीं सदी की दुनिया भारत को अहम लोकतांत्रिक ताकत के रूप में आगे बढ़ते देख रही है।
  • आजादी के समय किस तरह से एक लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में भारत के अस्तित्व पर संदेह जताया गया था। अशिक्षा, गरीबी, सामाजिक विविधता सहित कई तर्कों के साथ ये भविष्यवाणी कर दी गई थी कि भारत में लोकतंत्र असफल हो जाएगा।

02:30 PM, 10-Dec-2020

भारत में लोकतंत्र एक संस्कार है

  • लेकिन भारत में लोकतंत्र एक संस्कार है। भारत के लिए लोकतंत्र जीवन मूल्य है, जीवन पद्धति है, राष्ट्र जीवन की आत्मा है। भारत का लोकतंत्र, सदियों के अनुभव से विकसित हुई व्यवस्था है। भारत के लिए लोकतंत्र में, जीवन मंत्र भी है, जीवन तत्व भी है और साथ ही व्यवस्था का तंत्र भी है।
  • आमतौर पर अन्य जगहों पर जब डेमोक्रेसी की चर्चा होती है चुनाव प्रक्रियाओं, शासन-प्रशासन की बात होती है। इस प्रकार की व्यवस्था पर अधिक बल देने को ही कुछ स्थानों पर डेमोक्रेसी कहा जाता है।
  • जैसे आज इंडिया गेट से आगे नेशनल वॉर मेमोरियल ने नई पहचान बनाई है, वैसे ही संसद का नया भवन अपनी पहचान स्थापित करेगा। आने वाली पीढ़ियां नए संसद भवन को देखकर गर्व करेंगी कि ये स्वतंत्र भारत में बना है। आजादी के 75 वर्ष का स्मरण करके इसका निर्माण हुआ है।

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02:28 PM, 10-Dec-2020

पुराने संसद भवन को जरूरत के हिसाब से किया गया अपग्रेड 

  • वर्षों से नए संसद भवन की जरूरत महसूस की गई है। ऐसे में हम सभी का दायित्व है कि 21वीं सदी के भारत को एक नया संसद भवन मिले। इसी कड़ी में ये शुभारंभ हो रहा है।
  • संसद के शक्तिशाली इतिहास के साथ ही यर्थाथ को स्वीकारना उतना ही आवश्यक है। ये इमारत अब करीब 100 साल की हो रही है। बीते वर्षों में इसे जरूरत के हिसाब से अपग्रेड किया गया। कई नए सुधारों के बाद संसद का ये भवन अब विश्राम मांग रहा है।

02:26 PM, 10-Dec-2020

नया संसद भवन आत्मनिर्भर भारत का बनेगा गवाह 

  • पुराने संसद भवन ने स्वतंत्रता के बाद के भारत को दिशा दी तो नया भवन आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का गवाह बनेगा। पुराने संसद भवन में देश की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए काम हुआ, तो नए भवन में 21वीं सदी के भारत की आकांक्षाएं पूरी की जाएंगी।
  • नए संसद भवन में ऐसी अनेक नई चीजें की जा रही हैं जिससे सांसदों की एफिशियंसी बढ़ेगी, उनके वर्क कल्चर में आधुनिक तौर-तरीके आएंगे।

02:24 PM, 10-Dec-2020

संसद भवन ने आजादी के आंदोलन में निभाई अहम भूमिका

  • हमारे वर्तमान संसद भवन ने आजादी के आंदोलन और फिर स्वतंत्र भारत को गढ़ने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। आजाद भारत की पहली सरकार का गठन भी यहीं हुआ और पहली संसद भी यहीं बैठी।
  • आज का दिन बहुत ही ऐतिहासिक है। भारतीयों द्वारा, भारतीयता के विचार से ओत-प्रोत, भारत के संसद भवन के निर्माण का शुभारंभ, हमारी लोकतांत्रिक परंपराओं के सबसे अहम पड़ावों में से एक है

02:20 PM, 10-Dec-2020

भारत के लोग मिलकर संसद के इस नए भवन को बनाएंगे

  • मैं अपने जीवन में वो क्षण कभी नहीं भूल सकता जब 2014 में पहली बार एक सांसद के तौर पर मुझे संसद भवन में आने का अवसर मिला था। तब लोकतंत्र के इस मंदिर में कदम रखने से पहले, मैंने सिर झुकाकर, माथा टेककर, लोकतंत्र के इस मंदिर को नमन किया था।
  • हम भारत के लोग मिलकर अपनी संसद के इस नए भवन को बनाएंगे और इससे सुंदर क्या होगा, इससे पवित्र क्या होगा कि जब भारत अपनी आजादी के 75 वर्ष का पर्व मनाए, तो उस पर्व की साक्षात प्रेरणा, हमारी संसद की नई इमारत बने। 

02:16 PM, 10-Dec-2020

आज का दिन मील का पत्थर है

आज का दिन मील का पत्थर है। आज नए संसद भवन की आधारशिला रखी गई है। आज 130 करोड़ से ज्यादा भारतीयों के लिए बड़े सौभाग्य और गर्व का दिन है जब हम इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं। नए संसद भवन का निर्माण नूतन और पुरातन का उदाहरण है।

02:12 PM, 10-Dec-2020

देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने संसद भवन का शिलान्यास करने के बाद देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। 

02:09 PM, 10-Dec-2020

हरदीप पुरी ने कहा- आज का दिन है अहम

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने संसद भवन के शिलान्यास समारोह में कहा कि आज का दिन भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के इतिहास में भी अहम है। हिंदुस्तान में लंबे समय से गणतंत्र और लोकतंत्र स्थापित है।

02:04 PM, 10-Dec-2020

आज रचा गया इतिहास: येदियुरप्पा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा, 'आज इतिहास रचा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने नए संसद भवन की आधारशिला रखी है। नई संसद दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता का एक राजसी प्रतिनिधित्व करेगी और इसमें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक बुनियादी ढांचे का सम्मिश्रण है।'
 
 

01:59 PM, 10-Dec-2020

संसद का नया परिसर आत्मानिभर भारत का प्रतीक होगा: धर्मेंद्र प्रधान

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नए संसद भवन को लेकर कहा, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज 'न्यू पार्लियामेंट फॉर न्यू इंडिया' का शिलान्यास किया गया। यह हमारे जीवंत लोकतंत्र का एक ऐतिहासिक क्षण है। हमारे लोकतंत्र के मंदिर का अत्याधुनिक नया परिसर भी आत्मानिर्भर भारत का प्रतीक होगा।
 
 

01:53 PM, 10-Dec-2020

जारी है सर्व धर्म प्रार्थना

दिल्ली में नए संसद भवन के शिलान्यास समारोह में विभिन्न धार्मिक नेताओं द्वारा 'सर्व धर्म प्रार्थना' की जा रही है।
 

01:48 PM, 10-Dec-2020

आज का दिन है गौरवशाली: ओम बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ट्वीट कर कहा, 'देश के लिए आज का दिन गौरवशाली है।'
 

01:43 PM, 10-Dec-2020

नए संसद भवन में दिखाई देगी भारत की गौरवशाली विरासत

नए संसद भवन में भारत की गौरवशाली विरासत को भी दर्शाया जाएगा। देश के कोने-कोने से आए दस्तकार और शिल्पकार अपनी कला और योगदान के माध्यम से इस भवन में सांस्कृतिक विविधता का समावेश करेंगे।
 

01:36 PM, 10-Dec-2020

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया पट्टिका का अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में नए संसद भवन के शिलान्यास समारोह को चिह्नित करने के लिए एक पट्टिका का अनावरण किया।
 
 

01:31 PM, 10-Dec-2020

आधुनिक दृश्य- श्रव्य संचार सुविधाओं से लैस होगा भवन

नया संसद भवन सभी आधुनिक दृश्य- श्रव्य संचार सुविधाओं और डाटा नेटवर्क प्रणालियों से सुसज्जित होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान संसद के सत्रों के आयोजन में कम से कम व्यवधान हो और पर्यावरण संबंधी सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया जाए।

01:26 PM, 10-Dec-2020

की गई सर्वधर्म प्रार्थना

नए संसद भवन की आधारशिला रखने के दौरान सर्वधर्म प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में हिंदू, सिख, ईसाई, मुस्लिम, बौद्ध, यहूदी, जैन एवं अन्य धर्मों के धर्मगुरु मौजूद रहे। जिन्होंने प्रार्थना की।
 
 

01:22 PM, 10-Dec-2020

विदेशी राजदूतों ने लिया हिस्सा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, विदेशी राजदूतों और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी नए संसद भवन के शिलान्यास समारोह में मौजूद रहे। 
 
 

01:19 PM, 10-Dec-2020

नए संसद भवन का भूमि पूजन खत्म

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधिवत भूमि पूजन के बाद नए संसद भवन की आधारशिला रख दी है। इस कार्यक्रम में कई देशों के राजनयिकों ने भी शिरकत की।

01:13 PM, 10-Dec-2020

कार्यक्रम में उपस्थित हैं विभिन्न धार्मिक नेता

नए संसद भवन की नींव रखने का कार्यक्रम चल रहा है। टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष रतन टाटा, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश और विभिन्न धार्मिक नेता कार्यक्रम में उपस्थित हैं। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को परियोजना का अनुबंध दिया गया है।
 
 

01:09 PM, 10-Dec-2020

रतन टाटा भी हैं मौजूद

संसद भवन की नींव रखे जाने के कार्यक्रम में कई हस्तियां मौजूद हैं। इसमें उद्योगपति रतन टाटा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई अन्य कई केंद्रीय मंत्री मौजूद हैं।

01:06 PM, 10-Dec-2020

भूमि पूजन कर रहे हैं पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए संसद भवन का भूमि पूजन कर रहे हैं। थोड़ी देर में वे इसकी आधारशिला रखेंगे। 
 

01:01 PM, 10-Dec-2020

सर्वधर्म प्रार्थना शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंच गए हैं। सर्वधर्म प्रार्थना शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री थोड़ी देर में नए संसद भवन की आधारशिला रखेंगे।

12:57 PM, 10-Dec-2020

सात साल पुराना है नए संसद भवन के निर्माण का विचार

नया संसद भवन बनाने का प्रस्ताव नया नहीं है। लोकसभा के कम से कम दो अध्यक्षों ने पहले आधिकारिक तौर पर संसद भवन को अपग्रेड करने या एक नया ढांचा बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

12:52 PM, 10-Dec-2020

नए लोकसभा में बैठ सकेंगे 888 सदस्य

लोकसभा सचिवालय के मुताबिक नए संसद भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। संयुक्त सत्र के दौरान इसमें 1224 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसी प्रकार, राज्यसभा कक्ष में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी।

12:47 PM, 10-Dec-2020

टाटा प्रोजेक्ट्स करेगी निर्माण कार्य

लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि नए संसद भवन का डिजाइन अहमदाबाद के मैसर्स एचसीपी डिजाइन और मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है और इसका निर्माण कार्य टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।

12:03 PM, 10-Dec-2020

नए संसद भवन की आधारशिला: पीएम बोले- वो दिन दूर नहीं जब दुनिया कहेगी भारत लोकतंत्र की जननी है

शिलान्यास आज लेकिन नहीं होगा निर्माण कार्य
सेंट्रल विस्टा के तहत बन रहे इस संसद भवन का बेशक आज शिलान्यास कार्यक्रम होना है लेकिन इसपर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सकता है क्योंकि इस संबंध में दायर याचिका पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई चल रही है। शिलान्यास कार्यक्रम दोपहर 12.55 बजे से शुरू होगा।

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