संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इससे पहले रविवार को सभी पार्टियों के नेताओं की बैठक हुई। अलग-अलग दलों ने अपनी बैठकें भी कीं। लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा स्पीकर ने भी बैठकें कीं। वहीं, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस बात पर अपना पक्ष रखा कि किन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने आश्वासन दिया कि सभी दलों को पर्याप्त समय दिया जाएगा।
थरूर ने कहा, केंद्र सरकार कोविड स्थिति और टीकाकरण नीति का बहुत खराब प्रबंधन कर रही है। पूरे देश में लोग टीकाकरण केंद्रों के बाहर पंक्तियां लगाए खड़े हैं। देश में पर्याप्त वैक्सीन नहीं है। यह एक प्रमुख मुद्दा है जिसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
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कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि जनसंख्या के लिए आंदोलनकारी होना एक गलत प्राथमिकता है क्योंकि इस स्तर पर न केवल आबादी स्थिर होगी बल्कि धीरे-धीरे घटने लगेगी। उन्होंने कहा कि यह कहा जा सकता है कि इस तरह की विभाजनकारी चर्चा राष्ट्रविरोधी है।
शशि थरूर ने आगे कहा, 'अफगानिस्तान में इस समय क्या हो रहा है और भारत का इसे लेकर रुख क्या है? हमारे करदाताओं के तीन बिलियर अमेरिकी डॉलरों का अफगानिस्तान में निवेश है, क्या वहां तालिबान के सत्ता में आने के बाद यह सब चला जाएगा? ये महत्वपूर्ण सवाल हैं।'
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छोटे दलों को पर्याप्त समय मिलेगा: बिड़ला
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि मानसून सत्र 19 जुलाई से 13 अगस्त तक कोविड प्रोटोकॉल्स के साथ चलेगा। छोटे दलों को पर्याप्त समय मिलेगा। सभी दलों के नेताओं के समन्वय के साथ पिछली बार उत्पादकता 122 फीसदी ती। सदन में उठने वाले मुद्दों पर चर्चा होगी।
राज्यसभा: मल्लिकार्जुन खड़गे ने उठाए मुद्दे
राज्यसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बैठक में महंगाई, गरीबी, कोविड संकड जैसे 16-17 मुद्दे वेंकैया नायडू के सामने रखे गए थे। उन्होंने कहा कि इस पर चर्चा के लिए अवसर दिया जाएगा। लेकिन, हमें इस बारे में तभी बताया जाएगा जब ये मुद्दे उठेंगे।