लोकसभा की कार्यवाही बुधवार शाम छह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि बुधवार को सदन की कार्यवाही शाम छह बजे बुलाई जाएगी। अभी लोकसभा में 'शून्यकाल' चल रहा। इस दौरान कई सांसद अपनी बात सदन में रख रहे हैं।
लोकसभा में विपक्ष के बहिष्कार के बीच श्रम संहिता के तीन विधेयकों को पारित कर दिया गया। सदन में मौजूद सांसदों ने ध्वनीमत से विधेयक को पारित किया।
लोकसभा में महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत रवि राणा ने बुजुर्गों को मिलने वाले पेंशन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 'बुजुर्गों को मिलने वाले 500-1000 रुपये के पेंशन से आज के समय में क्या उनका गुजारा चल सकता है? मैं सरकार से उनके प्रति ध्यान देने का आग्रह करती हूं।' रवि राणा ने कहा कि कंपनियों में ज्यादा समय तक काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों के लिए कंपनी मालिक की ओर से स्कॉलरशिप दिया जाए ताकि मजदूर का बच्चा आगे चलकर मजदूर न बन सके।
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदन में विपक्षी सदस्यों द्वारा हंगामा और हिंसा किए जाने पर भी संयम दिखाने के लिए उप सभापति हरिवंश सिंह की तारीफ की है। नायडू ने प्रदर्शनकारी नेताओं के आचरण को अस्वीकार करते हुए कहा कि सदन में उनकी अपनी मर्जी नहीं चलेगी, यह अस्वीकार्य है।
लोकसभा से कृषि विधेयकों के मुद्दे पर बहिष्कार करने वाले विपक्ष के सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला बैठक कर रहे हैं।
राज्यसभा में कृषि बिल पारित होने के दौरान हुए हंगामा को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 'दो कृषि विधेयकों के पारित होने के दौरान राज्यसभा में हंगामा और हिंसा संसद के कामकाज पर शर्मनाक दाग के रूप में जाना जाएगा।
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ये जो कृषि के क्षेत्र में सुधार हुआ है, यह कांग्रेस भी चाहती थी लेकिन दलालों और बिचौलियों के दबाव में कांग्रेस ने कदम नहीं उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजबूती से यह कदम उठाया। आज विपक्ष को लग रहा है कि किसान सरकार के साथ खड़ी हो जाएगी, इसलिए इनके पेट में दर्द हो रहा है।
लोकसभा में बसपा के एक सांसद ने कहा कि यह जो रबी फसल में एमएसपी बढ़ाने की घोषणा की गई है, उसे विधेयक में लाया जाए।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस पर हमला किया। कहा, कल बुआई से पहले ही रबी की एमएसपी घोषित कर दी। कांग्रेस के दांत खाने के और दिखाने के और हैं। कांग्रेस दस साल शासन में रही, स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया।
एक घंटे बाद लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने कहा कि 'केंद्र सरकार द्वारा लाई गई कृषि बिल किसानों को प्रभावित नहीं करता है। स्टालिन बिना जाने ही बिल के बारे में बात कर रहे हैं। हम तमिलनाडु के लोगों और किसानों के खिलाफ किसी भी योजना का विरोध करेंगे।'
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि रबी फसलों पर एमएसपी में बढ़ोत्तरी हाथी के पेट में इलायची का दाना है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आपने एमएसपी को कानून में क्यों नहीं रखा?
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही को एक घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया है।
राज्यसभा से राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय विधेयक, 2020 और कराधान और अन्य विधि विधेयक, 2020 पास हो गए हैं। इसके साथ ही राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित हो गई है।
राज्यसभा ने राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक, 2020 को पारित कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि कांग्रेस राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों के अमर्यादित आचरण का विरोध करेगी। राज्यसभा के निलंबित सदस्यों द्वारा अपने आचरण के लिए माफी मांगने के बाद ही हम निलंबन रद्द करने पर विचार करेंगे।'
विपक्ष के विरोध के बावजूद आज ऊपरी सदन से वस्तु संशोधन विधेयक पास हो गया है। इसके साथ ही कृषि संबंधी तीनों विधेयकों को मोदी सरकार ने उच्च सदन से पास करवा लिया है। राज्यसभा ने आज अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेल, प्याज और आलू को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटाने के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है।
राज्यसभा से बैंकिंग नियमन (संशोधन) विधेयक, 2020 पास हो गया है।
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा, 'वे (भाजपा) अब बिहार की बात करते रहेंगे और चुनाव खत्म होते ही वे बिहार को भूल जाएंगे। प्रधानमंत्री ने अभी तक यहां बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम नहीं भेजी है। जहां तक किसान विधेयकों का सवाल है, हम इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।'
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा, 'मैं उनके (आठ निलंबित राज्यसभा सांसदों) प्रदर्शन में भी हिस्सा लूंगा। मैं उनके साथ समर्थन दिखाने के लिए एक दिन का उपवास करूंगा।'
कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को मौजूदा मानसून सत्र की शेष अवधि में राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किए जाने के बाद निलंबित सांसदों ने संसद भवन परिसर में अपना धरना खत्म कर दिया।
कांग्रेस ने आज लोकसभा का सत्र शुरू होने से पहले अपने लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई है।
राज्यसभा से भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान विधियां विधेयक, 2020 पास हो गया है।
राज्यसभा में पेश हुआ आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020। अब सदन में इसपर चर्चा की जाएगी।
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को 20 सितंबर को कृषि विधेयकों के पारित होने के दौरान विपक्षी सांसदों द्वारा सदन में उनके साथ किए गए दुर्व्यवहार को लेकर पत्र लिखा है।
राज्यसभा से निलंबित कांग्रेस के सांसद सैयद नासिर हुसैन ने कहा, 'हम चाहते थे कि केवल निलंबन निरस्त न हो बल्कि कृषि विधेयकों को भी वापस लिया जाए और इसपर सही तरीके से मतदान किया जाए। मगर ऐसा कुछ भी होने वाला नहीं है क्योंकि सभापति किसी की बात सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए सभी विपक्षी दलों ने शेष सत्र का बहिष्कार किया। उन्होंने धरने पर बैठे सभी लोगों से इसे खत्म करने की अपील और बचे हुए सत्र का बहिष्कार करने में शामिल होने का कहा। इस तरह हमने यह धरना खत्म कर दिया है।'
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, 'मैं संसद का एक वरिष्ठ सदस्य हूं, मैंने सदन में जो कुछ भी हुआ उसके लिए माफी मांगी है, लेकिन मुझे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। मुझे यह बहुत अपमानजनक लगा। मेरी पार्टी ने पूरे सत्र का बहिष्कार करने का फैसला किया है।'
राज्यसभा के निलंबित आठ सांसदों का संसद परिसर में धरना जारी है।
कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'हम संसद सत्र का बहिष्कार करेंगे जब तक कि सरकार हमारी तीन मांगों को स्वीकार नहीं करती है। पहली- सरकार दूसरा विधेयक लेकर आए जिसके तहत कोई भी निजी कंपनी एमएसपी से नीचे खरीद न कर सके, दूसरी- एमएसपी को स्वामीनाथन आयोग द्वारा अनुशंसित फार्मूले के तहत तय किया जाना चाहिए और तीसरी- एफसीआई जैसी सरकारी एजेंसियां एमएसपी से नीचे फसल नहीं खरीदेंगी।'
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा, 'राज्यसभा के उपसभापति ने लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए मुझे पत्र लिखकर बताया कि उनके साथ कैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने मुझे लिखा है कि लोगों की चेतना जगाने के लिए वे एक दिन का उपवास रख रहे हैं। वो आज निलंबित सांसदों से मुलाकात करने के लिए पहुंचे और चाय भी दी। हम सभी उनकी तारीफ कर रहे हैं। हम संसदीय लोकतंत्र में इस तरह के व्यवहार को स्वीकार नहीं कर सकते।' नायडू ने विपक्षी नेताओं से 'पुनर्विचार, आत्मनिरीक्षण, सदन में चर्चा में भाग लेने के लिए लौटने' का आग्रह किया।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा, 'उच्च सदन में जो कुछ हुआ क्या वो दुखदाई नहीं हैं? क्या यह व्यवहार का तरीका है? यदि वे अपना खेद व्यक्त करते हैं, तो सरकार उनके बिना बिजनेस चलाने के लिए बाध्य नहीं है। जब चर्चा करने को तैयार हैं क्योंकि हम मजबूत स्थिति में हैं।'
पूर्व प्रधानमंत्री और राज्यसभा सांसद एचडी देवगौड़ा ने कहा, 'सरकार को एक समझौते तक पहुंचना चाहिए। विपक्ष और सरकार दोनों को एक साथ बैठकर सदन चलाने में मदद करनी चाहिए। लोकतंत्र में सहयोग के साथ काम करना चाहिए।'
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा, 'मैं सदस्यों के निलंबन को लेकर खुश नहीं हूं। उनके आचरण पर कार्रवाई की गई है। हम किसी भी सदस्य के खिलाफ नहीं हैं।' सभापति ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर डिविजन मांगना आपका अधिकार है लेकिन आपको वेल में नहीं आना चाहिए था। अगर आपको लगता है कि उपसभापति ने आपकी पूरी बात नहीं सुनी तो आप मेरे पास आ सकते हैं मगर इस तरह का व्यवहार आपको शोभा नहीं देता है।
समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि सरकार ने संयम से काम लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्यों से गलती हुई है। सांसदों का निलंबन रद्द किया जाए। मैं सभी सांसदों की तरफ से माफी मांगता हूं।
राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि आठ सांसदों का निलंबन वापस लिया जाए। उन्होंने कहा, 'हमारी मांग है कि आठ सांसदों के निलंबन को वापस लिया जाए और सरकार दूसरा विधेयक लाए। जिसके तहत कोई भी निजी कंपनी एमएसपी से नीचे किसानों की उपज को न खरीद सके। जब तक हमारी ये मांगे पूरी नहीं हो जाती विपक्ष सत्र का बहिष्कार करेगा। कांग्रेस सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेगी।'
कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष गुलाब नबी आजाद ने कहा कि पिछले दो दिन में जो कुछ भी हुआ, मुझे नहीं लगता कि उससे कोई भी खुश है। ये हमारा परिवार है और सभापति जी आप इस परिवार के मुखिया है। घर में भी झगड़े होते रहते हैं। समय की कमी के कारण ये घटना हुई। इतने बड़े विषय होते हैं लेकिन उनपर बोलने का समय कम होता है। सांसद कम समय के कारण अपनी बात नहीं रख पाने के कारण नाराज रहते हैं। कोई माइक तोड़े, मेज पर चढ़े, ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए। हम सरकार की मजबूरी समझ सकते हैं। परसों 18 पार्टियां एक तरफ और एक पार्टी एक तरफ थी। इसे लेकर सारा झगड़ा हुआ। उन्होंने वोटिंग न कराए जाने पर भी अपनी बात रखी।
प्रधानमंत्री ने निलंबित सांसदों के लिए उपसभापति द्वारा चाय और नाश्ता लेकर जाने को उनकी महानता बताया और उन्हें बड़े दिल वाला करार दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'व्यक्तिगत रूप से उन लोगों को चाय परोसना जिन्होंने कुछ दिन पहले उनका अपमान किया था और जो धरने पर बैठे हुए हैं। यह दिखाता है कि हरिवंश जी कितने विनम्र और बड़े दिल वाले हैं। यह उनकी महानता को दर्शाता है। मैं भारत के सभी लोगों के साथ हरिवंश जी को बधाई देता हूं। सदियों से, बिहार की महान भूमि हमें लोकतंत्र के मूल्य सिखा रही है। उस अद्भुत लोकाचार के अनुरूप, बिहार से सांसद और राज्यसभा के उप भापति हरिवंश जी का आज सुबह किया गया प्रेरक और राजनेता जैसा आचरण हर लोकतंत्र प्रेमी को गर्वित करेगा।'
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश 20 सितंबर को कृषि विधेयक पारित होने के दौरान विपक्षी सांसदों द्वारा सदन में उनके साथ किए गए दुर्व्यवहार के खिलाफ एक दिन का उपवास रखेंगे।
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। विपक्ष निलंबित सांसदों के मुद्दे पर हंगामा कर सकता है।
उपसभापति हरिवंश नारायण मंगलवार को संसद परिसर में रातभर धरना दे रहे निलंबित राज्यसभा सांसदों से मिलने के लिए पहुंचे। इस दौरान वे उनके लिए चाय-नाश्ता लेकर गए थे। हालांकि सांसदों ने इसे लेने से मना कर दिया।