लोकसभा और राज्यसभा में आज कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। लोकसभा में भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर का मुद्दा छाया रहा। वहीं हंगामे के बीच दोनों सदनों में कई बिल भी पास हुए। संसद अपडेट-
प्रज्ञा सिंह ठाकुर की टिप्पणी पर बवाल
-भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के लोकसभा में दिए विवादित बयान को लेकर कांग्रेस और सहयोगी दल सदन में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। प्रज्ञा के बयान को लेकर सदन में सत्तापक्ष की तरफ से जो सफाई दी गई उससे विपक्षी दल संतुष्ट नहीं हैं इसलिए प्रज्ञा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने का निर्णय हुआ है।
अधीर रंजन चौधरी, दयानिधि मारन, मनिका टैगोर, एनके प्रेमचंद्रन सहित 50 सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है- सदन में प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताकर महात्मा गांधी का अपमान किया है जिसके लिए सदन उनकी निंदा करता है।
एक सूत्र ने बताया कि सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी यह प्रस्ताव रख सकते हैं। चौधरी ने प्रज्ञा के बयान का मुद्दा लोकसभा में कार्यवाही शुरू होने पर उठाया और कहा कि इस तरह के बयानों की अनुमति सदन में कैसे दी जा सकती है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर कहा है कि भाजपा ने उन्हें टिकट दिया और संसद तक लेकर आए। उन्हें संसदीय दल की बैठक में जाने की इजाजत न देने से क्या होगा? उन्हें तब तक संसद में नहीं बैठने देना चाहिए जब तक कि वह माफी नहीं मांगती हैं। हम निंदा प्रस्ताव की मांग करते हैं।'
लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कांग्रेस को एक आतंकवादी पार्टी (भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर द्वारा) कहा जाता था, जिस पार्टी से हजारों नेताओं ने देश की आजादी के लिए बलिदान दिया था। अब क्या हो रहा है? क्या सदन इस पर चुप रहेगा? महात्मा गांधी के हत्यारे को 'देशभक्त' कहा गया।
गोडसे को देशभक्त बताने वाली सोच निंदनीय
भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर के लोकसभा में दिए विवादित बयान पर कांग्रेस के हंगामे के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को सदन में कहा कि नाथूराम गोडसे को देशभक्त मानने की सोच की ही हमारी पार्टी पूरी तरह निंदा करती है। राजनाथ सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी पहले भी हमारे मार्गदर्शक थे और आज भी हैं, उनके विचार पहले भी प्रासंगिक थे और आज भी प्रासंगिक हैं।
इस दौरान कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा किया और विपक्ष के तमाम सांसद सदन से वाॉकआउट कर गए। वहीं स्पीकर ओम बिड़ला ने लोकसभा में कहा कि प्रज्ञा ठाकुर के बयान को रिकॉर्ड से हटा दिया गया है।