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संसद : राज्यसभा में आयुध संशोधन विधेयक 2019 को मंजूरी, आजीवन कारावास का प्रावधान

Tue, 10 Dec 2019 08:21 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लोकसभा - फोटो : ANI
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संसद में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान राज्यसभा में शस्त्र (संशोधन) विधेयक पारित किया गया। लोकसबा में ये पहले ही पारित हो चुका है। जानिए दिनभर का अपडेट--

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शस्त्र (संशोधन) विधेयक पारित


संसद ने मंगलवार को आयुध संशोधन विधेयक 2019 को मंजूरी दे दी जिसमें अवैध हथियारों के निर्माण पर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। राज्यसभा ने विधेयक को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा ने इसे कल ही पारित कर दिया था। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि 1959 के अधिनियम में कई विसंगतियां थीं और इस विधेयक के माध्यम से उनको दूर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गैर कानूनी हथियारों को बेचने और तस्करी करने वालों को आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है, इसमें किसी को आपत्ति नहीं हो सकती है। पुलिस से शस्त्र छीनने वाले और चुराने वालों के लिये भी सख्त प्रावधान किया गया है। प्रतिबंधित गोला-बारूद रखने वालों को 7 से 14 वर्ष की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि त्योहारों, शादी विवाह के मौकों पर फायरिंग करने वालों को अब जेल जाना पड़ेगा। साल 2016 में 169 लोगों की ऐसी हर्ष फायरिंग की घटनाओं में जान गई थी।

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राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में बनेगा ट्रस्ट

केंद्रीय राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में कहा, 'राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले पर अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों में केंद्र द्वारा एक योजना तैयार करना शामिल है जिसमें बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के साथ एक ट्रस्ट की या फिर अन्य उपयुक्त संस्था की स्थापना की जाएगी। जिसमें ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, ट्रस्टियों की शक्तियां, ट्रस्ट को भूमि का हस्तांतरण और सभी आवश्यक, आकस्मिक और पूरक मामले शामिल हैं। केंद्र सरकार न्यायालय के निर्देशों और आदेशों के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य करने के लिए बाध्य है।'

 

शिवसेना ने बढ़ाया सस्पेंस

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर शिवसेना ने सस्पेंस बढ़ा दिया है। राज्यसभा सांसद संजय राउत का कहना है कि लोकसभा में जो हुआ उसे भूल जाइए। राज्यसभा में विधेयक बुधवार को पेश किया जाएगा। बता दें कि शिवसेना ने सोमवार को विधेयक का समर्थन किया था। वहीं शिवसेना सांसद अरविंद सावंत का कहना है कि पार्टी विधेयक का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा, 'अलग-अलग भूमिका होती है क्या हमारी? राष्ट्रहित की भूमिका को लेकर शिवसेना खड़ी रहती है। ये किसी की मोनोपोली नहीं है।'

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों के लिए स्वीकृत किए 4800 करोड़ 

वहीं लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास को लेकर पूछे गए सवाल को लेकर लिखित में जवाब में कहा, 'संघ शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों के लिए केंद्रीय वेतन आयोग के तहत लगभग 4800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। जैसा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने सूचित किया है कि बहुत से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने किसानों की आत्महत्या, कृषक और खेतिहर मजदूर को लेकर कोई डाटा नहीं दिया है। आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2018 में 12 साल से कम उम्र की लड़की से दुष्कर्म के लिए मौत की सजा सहित और भी कड़े दंडात्मक प्रावधानों को लागू किया गया है। अधिनियम में 2 महीने के अंदर जांच और ट्रायल को पूरा करने का प्रावधान है।'

कांग्रेस ने सांसदों को जारी किया व्हिप

कांग्रेस ने अपने राज्यसभा सांसदों को 11 दिसंबर को ऊपरी सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है।

एएसपी के खिलाफ हनन प्रस्ताव

बिहार भाजपा अध्यक्ष और सांसद संजय जायसवाल मोतिहारी के एएसपी शैशव यादव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाए। सांसद ने एएसपी पर बिना सबूत के बदनाम करने का आरोप लगाया है।
 

प्रधानमंत्री मोदी को मिले उपहारों की नीलामी से मिले 15 करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले उपहारों, स्मृति चिन्हों एवं अन्य की 2015 से 24 अक्तूबर 2019 तक हुई नीलामी से कुल 15.13 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी। 
 

मेक इन इंडिया, रेप इंडिया में तब्दील: अधीर

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद अधीर रंजन ने कहा, 'यह काफी दुर्भाग्य है कि हर मुद्दे पर बोलने वाले प्रधानमंत्री इस मामले (महिलाओं के खिलाफ अपराध) पर चुप्पी साधे हुए हैं। भारत धीरे-धीरे मेक इन इंडिया से रेप इन इंडिया की ओर बढ़ रहा है।'

कश्मीर में सबकुछ सामान्य, लेकिन मैं कांग्रेस की स्थिति सामान्य नहीं कर सकता

वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए नेताओं को छोड़ने का निर्णय स्थानीय प्रशासन की ओर से लिया जाएगा और वहां के मामले में केंद्र सरकार दखल नहीं देगी। सदन में प्रश्नकाल के दौरान सांसद अधीर रंजन चौधरी के पूरक प्रश्न के उत्तर में शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति सामान्य है, लेकिन वह कांग्रेस की स्थिति सामान्य नहीं कर सकते।

एचपीसीएल में नहीं मिला 35 माह से वेतन

हिन्दुस्तान पेपर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) में कर्मचारियों और कामगारों को पिछले 35 माह से वेतन न मिलने का मुद्दा राज्यसभा में मंगलवार को उठाया गया और सरकार से इस संस्थान के कर्मियों को बकाया वेतन दिए जाने की और राष्ट्रीय कंपनी अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) की व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई।

बैंकों का विलय न करने की मांग

राज्यसभा में सीपीआई के एक सांसद ने बैंकों का विलय न करने की मांग करते हुए सरकार से अनुरोध किया कि वह बैंकों को हुए नुकसान की भरपाई करे और संकट में डालने वाले चूककर्ताओं के नामों का खुलासा करे। शून्यकाल के दौरान सांसद विनय विश्वम ने बैंकों के विलय का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बैंक उद्योग आज संकट में है लेकिन इसका समाधान बैंकों का विलय कदापि नहीं है।

गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि कई राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने किसानों की आत्महत्या के संदर्भ में कोई आंकड़ा नहीं होने की जानकारी दी है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेड्डी ने यह टिप्पणी की।

वायनाड से लोकसभा सदस्य गांधी ने सवाल किया था कि क्या राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) को राज्य से किसानों की आत्महत्या के आंकड़े मिले हैं और अगर नहीं मिला है तो इसका क्या कारण है? इसके जवाब में रेड्डी ने कहा कि एनसीआरबी की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना के मुताबिक कई राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों ने किसानों-खेतिहर कामगारों की आत्महत्या के संदर्भ में कोई आंकड़ा मुहैया नहीं कराया है। 
 
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टीएमसी सांसदों का हंगामा 

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को लेकर राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा किया। टीएमसी सदस्य कुछ देर के लिए वेल आए नारेबाजी की। सभापति ने उन्हें इस विषय पर नहीं बोलने दिया जिसके बाद सदस्यों ने सदन का बहिष्कार किया। टीएससी सांसदों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में ममता सरकार की ओर से पारित एससी-एसटी एक्ट लंबे समय से राज्यपाल ने रोक कर रखा है। सरकार की भूमिका ठीक नहीं है राष्ट्रपति को उन्हें राज्य से वापस बुलाना चाहिए। 

प्रश्रकाल जैसे ही शुरू हुआ तृणमूल कांग्रेस के सांसद पहले अपनी सीट पर खड़े हुए और फिर वेल की ओर बढ़ने लगे। सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि ये कोई तरीका नहीं है, अपनी सीट पर जाएं। इसी शोर शराबे के बीच भास्कर राव नेक्कांति के सवाल पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने जवाब देना भी शुरू कर दिया। सभापति ने टीएससी सदस्यों ने कहा कि आप अपना समय और ऊर्जा खराब कर सदन की मर्यादा गिरा रहे हैं। सदन का सम्मान करें, शिष्टता और नियमों का पालन करें। इस बीच डॉ.. हर्षवर्धन लगातार जवाब देते रहे और सभापति वेल पर आए सदस्यों को सीट पर जाने को कहते रहे। 
 
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