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Sansad Diary: सरकार बोली- किसानों के अधिकार सुरक्षित, पारंपरिक बीजों पर राष्ट्रीय बीज विधेयक नहीं होगा लागू

Wed, 17 Dec 2025 05:31 AM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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संसद डायरी में जानें संसद में दिनभर की कार्यवाही - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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केंद्र सरकार ने साफ किया है कि प्रस्तावित राष्ट्रीय बीज विधेयक 2025 किसानों और उनके पारंपरिक बीजों पर लागू नहीं होगा। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री राम नाथ ठाकुर ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि इस विधेयक में किसानों के पारंपरिक अधिकारों की पूरी तरह रक्षा की गई है। मंत्री ने कहा कि यह बिल किसानों को अपने खेतों में उगाए गए बीजों को उगाने, बोने, बचाने, आपस में बदलने और बेचने के अधिकार को सुरक्षित रखता है। यह प्रावधान पौध किस्म संरक्षण एवं किसान अधिकार अधिनियम, 2001 के अनुरूप है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिल की शर्तें किसानों और किसान किस्मों पर लागू नहीं होंगी, जिनमें पारंपरिक और देसी बीज शामिल हैं।
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'किसान संगठनों और हितधारकों के परामर्श के बाद तैयार किया गया बिल'
राम नाथ ठाकुर ने बताया कि इस विधेयक का मसौदा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने किसान संगठनों समेत विभिन्न हितधारकों से परामर्श के बाद तैयार किया है, ताकि मौजूदा जरूरतों के अनुरूप कानून बनाया जा सके। किसानों, सामुदायिक बीज उत्पादकों और पारंपरिक बीजों की सुरक्षा के लिए जैव विविधता अधिनियम, 2002 और पौध किस्म संरक्षण एवं किसान अधिकार अधिनियम, 2001 के प्रावधान भी मौजूद हैं।

'पूर्व-विधायी परामर्श चरण में है बीज विधेयक'
मंत्री के अनुसार, बिल में बाजार में बिकने वाली सभी बीज किस्मों का अनिवार्य पंजीकरण, बीज उत्पादकों, बीज प्रसंस्करण इकाइयों, डीलरों और पौध नर्सरियों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, आपात स्थिति में बीजों की कीमतों को नियंत्रित करने, बीजों के प्रदर्शन की अनिवार्य लेबलिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए साथी पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण का भी प्रावधान है। उन्होंने बताया कि बीज विधेयक 2025 अभी पूर्व-विधायी परामर्श चरण में है और इसे सार्वजनिक किया गया है, ताकि किसान संगठनों सहित सभी हितधारक अपने सुझाव और आपत्तियां दे सकें। सरकार का कहना है कि यह कानून एक तरफ बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा, तो दूसरी तरफ किसानों की परंपरा और अधिकारों की जड़ों को भी मजबूत बनाए रखेगा।
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जलवायु परिवर्तन से ग्रामीण महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित- सरकार
सरकार ने लोकसभा को बताया कि जलवायु परिवर्तन महिलाओं का काम बढ़ा रहा है और खासकर ग्रामीण इलाकों में उनकी कमजोरी को बढ़ा रहा है। पर्यावरण मंत्रालय ने लिखित जवाब में कहा कि 2023 में UN जलवायु संस्था को सौंपी गई भारत की तीसरी राष्ट्रीय रिपोर्ट में बताया गया है कि मौसम की चरम स्थितियां और जलवायु परिवर्तन महिलाओं का काम बढ़ा रहे हैं। इसमें कहा गया है कि अनियमित बारिश और मौसम की चरम घटनाओं की बढ़ती संभावना से कृषि उपज का नुकसान हो सकता है।

पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि महिलाएं फसल के नुकसान का सामना करती हैं, जो अक्सर उनके भोजन और आय का एकमात्र स्रोत होता है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन आमतौर पर उन क्षेत्रों को प्रभावित करता है जो पारंपरिक रूप से ग्रामीण महिलाओं से जुड़े हैं, जैसे धान की खेती, कपास और चाय के बागान और मछली पकड़ना। सरकार के अनुसार, भारत में कुल महिला कार्यबल का लगभग 65 प्रतिशत कृषि क्षेत्र में लगा हुआ है, जो सबसे ज्यादा जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है। मंत्री ने कहा कि देश में लगभग 30 प्रतिशत किसान और लगभग 43 प्रतिशत कृषि मजदूर महिलाएं हैं।

सरकार ने कहा कि उसने कई योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए हैं जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जलवायु परिवर्तन से महिलाओं के जोखिम को कम करते हैं। इनमें जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय कार्यक्रम, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मातृ एवं शिशु ट्रैकिंग सिस्टम शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि ये योजनाएं जलवायु से संबंधित जोखिमों के प्रति महिलाओं की संवेदनशीलता और जोखिम को कम करती हैं, साथ ही उनकी अनुकूलन क्षमता को बढ़ाती हैं।

कांग्रेस ने लोकसभा में अपने सांसदों के लिए जारी किया व्हिप
कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा में अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। पार्टी ने सभी कांग्रेस सांसदों से कहा है कि वे अगले तीन दिनों तक सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहें। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस दौरान कुछ अहम विधेयकों पर चर्चा और पारित होने की संभावना है। इनमें ग्रामीण रोजगार से जुड़ा वीबी-जी राम जी बिल और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित नया कानून शामिल है।

परमाणु ऊर्जा से जुड़ा शांति बिल बुधवार को लोकसभा में चर्चा के लिए आ सकता है। यह विधेयक भारत के असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी का रास्ता खोलने और मौजूदा जिम्मेदारी कानूनों में बदलाव करने से जुड़ा है। यह बिल मौजूदा परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और न्यूक्लियर क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम, 2010 को हटाने का प्रस्ताव करता है। इस बिल को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेश किया है।

इसके अलावा, सरकार ने लोकसभा में एक और विधेयक पेश किया है, जो हर साल ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित करने का दावा करता है। यह बिल 20 साल पुराने मनरेगा की जगह लाने का प्रस्ताव करता है। विपक्ष ने इस पर कड़ा विरोध जताया है, खासकर इसलिए क्योंकि नए कानून के नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिल पेश करते हुए कहा कि सरकार गांधी जी के सिद्धांतों में विश्वास करती है और उन पर अमल भी करती है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में पिछली सरकारों से ज्यादा काम किया है। इन अहम मुद्दों को देखते हुए कांग्रेस ने अपने सांसदों को सदन में पूरी तरह सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।

चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 10.1% बढ़ा

पिछले एक साल में चीन के साथ भारत के व्यापार घाटे में 10.1 फीसदी की वृद्धि हुई है और भारत से निर्यात में 24.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि चीन के साथ व्यापार घाटा अप्रैल से अक्तूबर 2024 में 58.09 अरब डॉलर से बढ़कर अप्रैल-अक्तूबर 2025 में 63.97 अरब डॉलर हो गया है। इसी अवधि में चीन को भारत का निर्यात 8.04 अरब डॉलर से बढ़कर 10.02 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। चीन के साथ व्यापार घाटा मुख्य रूप से कच्चे माल, इंटरमीडिएट सामान और पूंजीगत सामान, जैसे ऑटोमोबाइल के पुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक के पार्ट्स, मोबाइल फोन के पार्ट्स, मशीनरी और उसके पार्ट्स, एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स के आयात के कारण है। 

घुसपैठ के 1,100 से अधिक प्रयास, 2,500 गिरफ्तारियां

भारत-बांग्लादेश सीमा घुसपैठ मामले में सबसे संवेदनशील बनी हुई है। सरकार ने लोकसभा में बताया कि जनवरी से नवंबर 2025 के बीच इस सीमा पर 1,104 घुसपैठ के प्रयास दर्ज किए गए और 2,556 घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया, जो सभी सीमाओं में सर्वाधिक है।पिछले एक दशक (2014-2024) में भारत की सभी सीमाओं पर 8,500 से अधिक घुसपैठ के प्रयास हुए, जिसमें से 7,500 से अधिक केवल बांग्लादेश सीमा पर हुए। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा का 79.08% हिस्सा और भारत-पाकिस्तान सीमा का 93.25% हिस्सा फेंसिंग (बाड़) से ढका जा चुका है। भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ का मामला दर्ज नहीं हुआ है। सरकार सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

सोनिया गांधी ने की आंगनवाड़ी-आशा कर्मियों का मानदेय बढ़ाने की मांग  

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने मंगलवार को राज्यसभा में महिलाओं की अग्रिम पंक्ति की कार्यकर्ताओं की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए आशा और आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में केंद्र सरकार के योगदान को दोगुना करने की मांग की। उन्होंने एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) के तहत करीब तीन लाख रिक्त पदों को जल्द भरने पर जोर दिया। शून्यकाल के दौरान मुद्दा उठाते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सामुदायिक संसाधन व्यक्ति सार्वजनिक सेवा वितरण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। 

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक जेपीसी को भेजा

विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को स्वतंत्र स्व-शासन वाले संस्थान बनाने के उद्देश्य से लाए गए विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 को लोकसभा ने मंगलवार को संयुक्त समिति के पास भेजने को मंजूरी दे दी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। इसमें उच्च शिक्षा या अनुसंधान संस्थानों व वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थानों में समन्वय व मानकों के निर्धारण का प्रावधान है। तीन परिषदों के साथ एक शीर्ष निकाय की स्थापना का भी प्रावधान है।

इंटरपोल ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ जारी किए 36 नोटिस

केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि इस साल में अब तक भारत के अनुरोध पर भगोड़े अपराधियों के खिलाफ इंटरपोल ने 36 नोटिस जारी किए हैं।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि इन नोटिसों में 22 ब्लू नोटिस (जानकारी जुटाने के लिए) और 14 रेड नोटिस (गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण के लिए) शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सीबीआई की ओर से लॉन्च भारतपोल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग से इंटरपोल नोटिस जारी करने में तेजी आई है। 

अप्रचलित कानूनों को निरस्त करने वाला विधेयक लोकसभा में मंजूर

अप्रचलित और पुराने हो चुके 71 कानूनों को समाप्त करने या संशोधित करने के प्रावधान वाले निरसन और संशोधन विधेयक, 2025 को लोकसभा ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस विधेयक को लेकर कुछ विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा, यह विधेयक जल्दबाजी में नहीं, सोच-विचार करके लाया गया है और विकसित भारत की दिशा में बढ़ता कदम है।
उन्होंने इसे गुलामी की मानसिकता से मुक्ति की ओर बढ़ता कदम बताया। मेघवाल ने कहा कि सरकार से समाज हित में कानून बनाने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन एक समय आता है जब ऐसा लगता है कि उस कानून की उपयोगिता नहीं है या वह अपनी प्रासंगिकता खो चुका है तो ऐसे कानूनों का निरसन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, मई 2014 से अब तक 1,577 अनावश्यक और अप्रचलित कानूनों को निरस्त किया है, जिनमें से 1,562 का पूरी तरह निरसन किया गया और 15 कानूनों को संशोधित करके लागू किया गया। इससे पहले, बिल पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के डीन कुरियाकोस ने कहा कि इसके जरिये उन कानूनों को निरस्त किया जा रहा है जिसे इसी सरकार ने 24 महीने पहले पारित किया था।

संसद ने अनुदान की अनुपूरक मांगों व विनियोग विधेयक को दी मंजूरी

संसद ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों और संबंधित विनियोग विधेयक को मंजूरी दे दी। इससे सरकार को मौजूदा वित्त वर्ष में 41,455 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च की अनुमति मिल गई है जिसमें उर्वरक सब्सिडी पर 18,000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च शामिल है। राज्यसभा ने मंगलवार को विनियोग विधेयक को चर्चा के बाद ध्वनिमत से मंजूर कर लोकसभा को लौटा दिया। लोकसभा इसे पहले  ही मंजूरी दे चुकी है। 

यात्रियों की सुरक्षा से समझौता, राज्यसभा में जर्जर रेल ओवरब्रिज के मुद्दे पर हंगामा

राज्यसभा में विभिन्न सांसदों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में रेल बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं को उठाया। मध्य प्रदेश में एक रेलवे ओवरब्रिज की जर्जर हालत पर सुरक्षा चिंता जताई गई, जबकि गोवा, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग की गई।

मंगलवार को शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद माया नारोलिया ने मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम-इटारसी खंड पर एनएच-46 स्थित रेलवे ओवरब्रिज में गंभीर संरचनात्मक खामियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 1997 में बने इस पुल में साइड की दीवारों पर गहरी दरारें, कंक्रीट की परतों का गिरना और व्यापक अस्थिरता पाई गई है, जो रोजाना हजारों यात्रियों के लिए सीधा खतरा है। नारोलिया ने घटिया सामग्री और खराब इंजीनियरिंग का आरोप लगाते हुए ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर, ब्लैकलिस्टिंग और बिना उचित जांच भुगतान को मंजूरी देने वाले अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सतही मरम्मत को नाकाफी बताते हुए पारदर्शी पुनर्निर्माण और सख्त समय-सीमा पर जोर दिया।
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शादी से जुड़े विवाद खुदकुशी की बड़ी वजह, 2023 में 1.71 लाख मौतें

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के सांसद हरीस बीरन ने मंगलवार को राज्यसभा में शादी से जुड़े विवादों के कारण होने वाली आत्महत्याओं पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2023 में देश में 1,71,418 लोगों ने आत्महत्या की, जिनमें ज्यादातर मामलों की जड़ वैवाहिक समस्याएं रहीं। शून्यकाल में मुद्दा उठाते हुए केरल से सांसद बीरन ने इसे नैतिक, कानूनी व संस्थागत विफलता करार दिया। कहा, मौजूदा कानूनों से आगे तात्कालिक सुधारों की जरूरत है। भारतीय परंपरा में विवाह पवित्र माना जाता है, पर बड़ी संख्या में महिलाओं के लिए यह चुपचाप सहने, अकेलेपन व निराशा का दौर बन गया है। सांसद ने दहेज की मांग, भावनात्मक उपेक्षा व सहयोगी तंत्र की कमी को इसके प्रमुख कारणों में बताया। उन्होंने कहा, महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत कानूनी प्रावधान हैं, पर उनके क्रियान्वयन में गंभीर खामियां हैं। 
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