यह मेरी सरकार की राजनयिक सफलता है कि आज भारत की आवाज वैश्विक मंचों पर सम्मान के साथ सुनी जाती है। भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया और आज यह दिवस पूरे विश्व में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष हमारा देश, 21वीं सदी के सशक्त, स्वावलंबी और समृद्ध नए भारत के लिए एक निर्णायक दिशा तय करेगा। इस वर्ष आम चुनावों के रूप में लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव मनाया जाएगा।
बदलते हुए भारत ने सीमा पार आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करके अपनी ‘नई नीति और नई रीति’ का परिचय दिया है। पिछले वर्ष भारत उन चुनिंदा देशों की पंक्ति में शामिल हुआ है जिनके पास परमाणु त्रिकोण की क्षमता है। हमारी सेनाएं और उनका मनोबल, 21वीं सदी के भारत के सामर्थ्य का प्रतीक है। मेरी सरकार ने चार दशकों से लंबित वन रैंक वन पेंशन की मांग को न सिर्फ पूरा किया बल्कि 20 लाख पूर्व-सैनिकों को 10,700 करोड़ रुपए से ज्यादा के एरियर का भुगतान भी किया है।
2017-18 में देश के 12 करोड़ 30 लाख से ज्यादा लोगों ने हवाई यात्रा की है। ‘उड़ान योजना’ के अंतर्गत लोगों को 12 लाख सीटें कम कीमत पर उपलब्ध हुई हैं। इसके कारण आज साधारण परिवार के व्यक्ति को भी हवाई जहाज में उड़ने का अवसर मिल रहा है। ‘नमामि गंगे मिशन’ के तहत अब तक 25 हजार 500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है। गंगा में गिरने वाले दर्जनों बड़े नालों को बंद करके, औद्योगिक कचरों को रोककर, शहरों के किनारे अनेक सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर मेरी सरकार, गंगा को स्वच्छ बनाने के अभियान में तत्परता के साथ जुटी हुई है। हमारे लिए गंगा सिर्फ नदी नहीं बल्कि मां जैसी है।
रक्षा उपकरणों के उद्यम स्थापित करके देश को सुरक्षित बनाने तथा युवाओं को नए अवसर देने के लिए तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। जल्द ही देशवासियों को अब तक की सबसे तेज गति की ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसरो के वैज्ञानिक और इंजीनियर, सैटेलाइट प्रक्षेपण में लगातार नए रिकॉर्ड बनाकर दुनिया में अपनी श्रेष्ठता साबित कर रहे हैं। मैं अपने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को राष्ट्र की ओर से ‘मिशन गगनयान’ के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
मैं देशवासियों को बधाई देता हूं कि शुरुआती दिक्कतों के बावजूद, देश के बेहतर भविष्य के लिए उन्होंने बहुत कम समय में एक नई प्रणाली को अपनाया। मेरी सरकार ने व्यापार जगत से मिल रहे सुझावों को ध्यान में रखकर GST में सुधार की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखा है अब भारत, मोबाइल फोन बनाने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। Make in India के तहत ही आंध्र प्रदेश में, एशिया के सबसे बड़े MedTech Zone की स्थापना की जा रही है।
सरकार ने लगभग 8 करोड़ ऐसे नामों को भी लाभार्थियों की सूची से हटाया है, जो वास्तव में थे ही नहीं और बहुत से बिचौलिए फर्जी नाम से जनता के धन को लूट रहे थे। ‘इंसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड’ के नए कानून की वजह से अब तक बैंकों और देनदारों के 3 लाख करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष निपटारा हुआ है। मेरी सरकार ने कोयला खदानों की, पारदर्शी व्यवस्था विकसित करके नीलामी की है और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा की है। GST से देश में एक ईमानदार और पारदर्शी व्यापारिक व्यवस्था का निर्माण हो रहा है जिसका काफी बड़ा लाभ देश के युवाओं को मिल रहा है। इस व्यवस्था से व्यापारियों के लिए पूरे देश में कहीं पर भी व्यापार करना आसान हुआ है और उनकी कठिनाइयां कम हुई हैं।
वर्ष 2014 से पहले जहां 3.8 करोड़ लोगों ने अपना रिटर्न फाइल किया था, वहीं अब 6.8 करोड़ से ज्यादा लोग आयकर रिटर्न फाइल करने के लिए आगे आए हैं। आज करदाता को यह विश्वास है कि उसका एक-एक पैसा राष्ट्र-निर्माण में ईमानदारी के साथ खर्च किया जा रहा है। ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ का विस्तार करने से पिछले साढ़े चार वर्ष में 6 लाख 5 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि लाभार्थियों तक पहुंची है। इस वजह से अब लगभग 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बच रहे हैं।
विदेश में जमा काला धन वापस लाने के लिए कई देशों से समझौता किया। कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान में नोटबंदी का फैसला एक महत्वपूर्ण कदम था। इस फैसले ने कालेधन की समानांतर अर्थव्यवस्था पर प्रहार किया और वह धन, जो व्यवस्था से बाहर था, उसे देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया। ‘बेनामी संपत्ति कानून’, ‘प्रिवेन्शन ऑफ मनी लांडरिंग एक्ट’ और आर्थिक अपराध करके भागने वालों के खिलाफ बने कानून के तहत 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई हो रही है।
जनधन योजना की वजह से आज देश में 34 करोड़ लोगों के बैंक खाते खुले हैं और देश का लगभग हर परिवार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ गया है। आज जनधन खातों में जमा 88 हजार करोड़ रुपए इस बात के गवाह हैं कि कैसे इन खातों ने बचत करने का तरीका बदल दिया है। जनधन खातों से बिचौलियो की भूमिका खत्म हुई है।
वर्ष 2014 में देश में मात्र 59 ग्राम पंचायतों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंच पाई थी। आज एक लाख 16 हजार ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फायबर से जोड़ दिया गया है तथा लगभग 40 हजार ग्राम पंचायतों में वाई-फाई हॉटस्पॉट लगा दिए गए हैं। वर्ष 2014 में जहां 1 GB डेटा की कीमत लगभग 250 रुपए थी, अब वह घटकर 10-12 रुपए हो गई है। इसी तरह, मोबाइल पर बात करने में पहले जितना खर्च होता था, वह भी अब आधे से कम हो गया है।
किसानों की अमदनी बढ़ाने के लिए काम जारी। फसल नुकसान होने पर कम प्रिमियम पर बीमा दिया जाएगा। फसल बीमा से किसानों को लाभ पहुंचा। मेरी सरकार ने 22 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी को फसल की लागत का डेढ़ गुना से अधिक करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसके साथ ही, किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
कामकाजी महिलाओं को, अपने नवजात शिशुओं के अच्छी तरह लालन-पालन का पर्याप्त समय मिल सके, इसके लिए मैटरनिटी लीव को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया गया है। 62 नए नवोदय विद्यालय खोले गए। 73 प्रतिशत महिलाओं को मुद्रा लोन दिए गए। मैं पूरे सदन की ओर से भारत के अन्नदाता किसानों का अभिनंदन करता हूं। मेरी सरकार देश के किसानों की आय को दोगुना करने के लिए दिन-रात प्रयत्नशील है। किसानों की हर जरूरत को समझते हुए, उनकी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सरकार प्रयासरत है।
उच्च स्तरीय प्रोफेशनल एजुकेशन के अवसरों को बढ़ाने के लिए सरकार नए शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर रही है और 7 IIT, 7 IIM, 14 IIIT,1 NIT और 4 NID की स्थापना की जा रही है। ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को ही मिला है। अब तक देशभर में दिए गए 15 करोड़ मुद्रा लोन में से 73 प्रतिशत लोन महिला उद्यमियों ने प्राप्त किए हैं। ‘दीन दयाल अंत्योदय योजना’ के तहत लगभग 6 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ऐसे महिला स्वयं-सहायता समूहों को मेरी सरकार द्वारा 75 हजार करोड़ रुपए से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है।
बीते शीतकालीन सत्र में संसद द्वारा संविधान का 103वां संशोधन पारित करके, गरीबों को आरक्षण का लाभ पहुंचाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। यह पहल, देश के उन गरीब युवक-युवतियों के साथ न्याय करने का प्रयास है जो गरीबी के अभिशाप के कारण वंचित महसूस कर रहे थे। नौजवानों को अपने व्यवसाय के लिए आसानी से ऋण प्राप्त हो, इसके लिए ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत, बिना किसी गारंटी के 7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के ऋण दिए गए हैं। इसका लाभ, ऋण प्राप्त करने वाले 15 करोड़ से ज्यादा लोगों ने उठाया है।
किसी नाबालिग के साथ बलात्कार करने के जघन्य अपराध की सजा के लिए सरकार ने अपराधी को फांसी की सजा देने का प्रावधान किया है। कई राज्यों में तेजी से सुनवाई के बाद, दोषियों को फांसी की सजा मिलने से, ऐसी विकृत सोच रखने वाले लोगों में कड़ा संदेश गया है। हमारी मुस्लिम बेटियों को डर और भय की जिंदगी से मुक्ति दिलाने तथा उन्हें अन्य बेटियों के समान जीवन जीने के अधिकार देने हेतु मेरी सरकार, तीन तलाक से जुड़े कानून को संसद से पारित करवाने का लगातार प्रयास कर रही है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत 9 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण हुआ है। इस जन आंदोलन के कारण आज ग्रामीण स्वच्छता का दायरा बढ़कर 98 प्रतिशत हो गया है, जो कि वर्ष 2014 में 40 प्रतिशत से भी कम था। आज देश के हर गांव तक बिजली पहुंची। जल्द हर घर तक बिजली का सपना पूरा हो जाएगा। इनकम टैक्स घटाकर मध्यम वर्ग को राहत दी गई। सरकार ने मध्यम वर्ग को बचत के मौके दिए। वर्ष 2014 में हमारे देश में मानव-रहित क्रॉसिंग्स की संख्या 8,300 थी। मेरी सरकार ने मानव-रहित रेलवे क्रॉसिंग्स समाप्त करने का अभियान चलाया और अब ऐसी क्रॉसिंग्स लगभग समाप्त हो गई हैं।
हमारी बहुत सी माताएं, बहनें और बेटियां, चूल्हे के धुएं के कारण बीमार रहती थीं, पूरे परिवार का स्वास्थ्य प्रभावित होता था और उनका अधिकांश समय, ईंधन जुटाने में लग जाता था। ऐसी बहनों-बेटियों के लिए मेरी सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 6 करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए हैं। आयकर का बोझ घटाकर और महंगाई पर नियंत्रण करके, सरकार ने मध्यम वर्ग को बचत के नए अवसर दिए हैं। सरकार का प्रयास है कि कड़ा परिश्रम करने वाले हमारे मध्यम वर्ग की पूंजी बढ़े और निवेश के नए विकल्पों से उनकी आय और भी बढ़े।
तमिलनाडु के मदुरै से लेकर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा तक और गुजरात के राजकोट से लेकर असम के कामरूप तक, नए ‘एम्स’ बनाए जा रहे हैं। गांवों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए बीते चार वर्षों में मेडिकल की पढ़ाई में 31 हजार नई सीटें जोड़ी गई हैं। पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार की ग्रामीण आवास योजनाओं के तहत 1 करोड़ 30 लाख से ज्यादा घरों का निर्माण किया जा चुका है। जबकि वर्ष 2014 के पहले, पांच साल में, सिर्फ 25 लाख घरों का ही निर्माण हुआ था।
‘प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना’ के तहत देश भर में अब तक 600 से ज्यादा जिलों में 4,900 जन औषधि केन्द्र खोले जा चुके हैं। इन केंद्रों में 700 से ज्यादा दवाइयां बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। सिर्फ 1 रुपया महीना के प्रीमियम पर ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’ और 90 पैसे प्रतिदिन के प्रीमियम पर ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’ के रूप में लगभग 21 करोड़ गरीब भाई-बहनों को बीमा सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है।
मेरी सरकार के प्रयासों में, शोषण की राजनीति के विरुद्ध जन-चेतना की मशाल जलाने वाले, डॉक्टर राम मनोहर लोहिया के, समानता पर आधारित समाज के प्रति आस्था स्पष्ट दिखाई देती है। मेरी सरकार ने, कार्यभार संभालने के साथ ही एक नया भारत बनाने का संकल्प लिया। एक ऐसा नया भारत जहां व्यवस्थाओं में अधूरापन और अकर्मण्यता न हो, जहां भ्रष्टाचार न हो, जहां अस्वच्छता के लिए कोई स्थान न हो।
कोविंद ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि हमारा देश गांधी जी के सपनों के अनुरूप, नैतिकता पर आधारित समावेशी समाज का निर्माण कर रहा है। हमारा देश बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर द्वारा संविधान में दिए गए सामाजिक और आर्थिक न्याय के आदर्शों के साथ आगे बढ़ रहा है। दिल की बीमारी के लिए स्टंट की कीमत हुई है। 4,900 जनऔषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। उज्जवला योजना में 6 करोड़ गौस कनेक्शन दिए गए। सरकार ने लोगों में नई उम्मीद और भरोसा जगाया।
राष्ट्रपति ने कहा, संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए मुझे अपार प्रसन्नता हो रही है। 2019 का वर्ष, हमारे लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस वर्ष हम भारत के लोग, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं। इसी वर्ष 13 अप्रैल को जलियांवाला बाग में हुए दुखद नरसंहार के 100 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। मैं पूरे राष्ट्र की ओर से उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने हमारे उज्ज्वल भविष्य के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिये।
संसद के दोनों सदनों को राष्ट्रपति कोविंद कर रहे हैं संबोधित।
संसद के दोनों सत्रों को संबोधित करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का काफिला रवाना हो गया है। 11 बजे शुरू होगा अभिभाषण।
बजट सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आज देश संसद की कार्यवाही का अवलोकन कर रहा है। सांसदों को संसद के इस सत्र में एक सार्थक बहस करनी चाहिए। हम सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।'