आम बजट-2025 को संसद ने बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। राज्यसभा ने 35 संशोधनों के साथ वित्त विधेयक को लोकसभा को लौटा दिया। इनमें ऑनलाइन विज्ञापनों पर 6 फीसदी डिजिटल कर हटाना भी शामिल है। इसके साथ ही संसद में एक फरवरी से शुरू बजट प्रक्रिया पूरी हो गई।
राज्यसभा ने विनियोग विधेयक (3) को भी ध्वनिमत से पारित किया। इससे पहले लोकसभा ने 25 मार्च को वित्त विधेयक और 21 मार्च को विनियोग विधेयक को मंजूरी दी थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा, वित्त मंत्रालय की प्रवृत्ति सावधानी बरतने और राजस्व को हाथ से नहीं जाने देने की होगी। उन्होंने कहा, हमने 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं लगाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। बजट में कुल 50.65 लाख करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष की तुलना में 7.4 प्रतिशत ज्यादा है।
अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित पूंजीगत व्यय 11.22 लाख करोड़ और प्रभावी पूंजीगत व्यय 15.48 लाख करोड़ रुपये है। इसमें 42.70 लाख करोड़ का सकल कर राजस्व संग्रह और 14.01 लाख करोड़ रुपये के सकल ऋण का प्रस्ताव है। एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए 5,41,850.21 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। चालू वित्त वर्ष के लिए यह राशि 4,15,356.25 करोड़ रुपये है।
मनमाने अधिकार देता है आप्रवास विधेयक, संयुक्त समिति को भेजें
आप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक पर चर्चा के दौरान कुछ विपक्षी सांसदों ने दावा किया कि कुछ प्रावधान आव्रजन अधिकारियों को मनमाने अधिकार देते हैं। इस बिल को विस्तृत जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा जाना चाहिए।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि इसके प्रावधान विदेशियों की कुछ श्रेणियों को कानून से छूट देने के लिए मनमाने अधिकार देते हैं। उन्होंने विवाद की स्थिति में आव्रजन अधिकारी के फैसले को अंतिम और बाध्यकारी बताने वाले प्रावधान की भी आलोचना की। कहा, इसका मतलब यह है कि इसमें कोई अपील नहीं है, कोई तर्क नहीं है और कोई वकील नहीं है। अमेरिका में आव्रजन जज होते हैं, कनाडा में आव्रजन एवं शरणार्थी बोर्ड है, जो अपील के लिए रास्ते उपलब्ध कराता है। यहां ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई। एकमात्र उपाय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का रुख करना है।
तृणमूल के आरोपों पर गृह मंत्री शाह बोले- तोड़ने नहीं, जोड़ने वालों में है भारत का नाम
तृणमूल सांसद सौगत राय के समृद्ध देशों में अवैध प्रवास के तर्क को गृह मंत्री अमित शाह ने खारिज कर दिया। कहा, भारत ने हमेशा अच्छे विचार से आने वालों का स्वागत किया और दुनिया में जहां भी भारतवंशी गए, वहां की संस्कृति, परंपरा में घुल गए। तोड़ने का नहीं, जोड़ने का काम किया। उन्होंने इब्न बतूता से लेकर अब्दुल रज्जाक, सीयस, लुआर्टे बार्बोस, फ्रांस्वा बर्नियर के भारत आने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बुद्धघोष यहां से चीन गए और पाली ग्रंथों का अनुवाद किया, मार्शल आर्ट का प्रसार किया। महात्मा गांधी अफ्रीका गए और जिस साम्राज्य का कभी सूरज अस्त नहीं होता था, उसे घुटने टिकाने का काम किया। लाला हरनाथ, द्वारकानाथ, सुंदर पिचाई, कल्पना चावला, सत्या नडेला, सुनीता विलियम्स ने भारत की संस्कृति को विस्तार दिया। वर्तमान में 1.72 करोड़ भारतवंशी संस्कृति का दुनिया में विस्तार कर रहे हैं।
10 लाख करोड़ से 2 लेन वाले राजमार्गों को फोरलेन में बदलेंगे
देशभर में कुल 25,000 किमी के दो लेन वाले राजमार्गों को 10 लाख करोड़ रुपये की लागत से चार लेन में बदला जाएगा। बृहस्पतिवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 6 लाख करोड़ की लागत से 16,000 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों को भी छह लेन का बनाया जाएगा। इससे सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी आएगी।
गडकरी ने कहा, सरकार इन परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। परियोजनाओं की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार हो रही है। उम्मीद है कि दो साल में काम पूरा हो जाएगा। हाल में ही गडकरी ने कहा था कि भारत में हर साल 4,80,000 हादसे होते हैं। इनमें 18 से 45 वर्ष की उम्र के 1,88,000 लोगों की मौत होती है। देश को सड़क हादसों की वजह से हर साल अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तीन फीसदी का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके मद्देनजर सरकार वर्ष 2030 तक सड़क हादसों में 50 फीसदी की कमी लाना चाहती है।
जोजिला में एशिया की सबसे लंबी सुरंग
केंद्रीय मंत्री ने कहा, मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में राजमार्गों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। जम्मू-कश्मीर में सफर को आसान बनाने के लिए दो लाख करोड़ रुपये की लागत से 105 सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। केंद्र सरकार जोजिला में शून्य से नीचे के तापमान वाले क्षेत्र में एशिया की सबसे लंबी सुरंग का निर्माण कर रही है। जबकि, 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत वाली इस सुरंग को अब करीब 5,500 करोड़ रुपये में पूरा किया जाएगा।
पत्नी संग पहुंचे सूर्या
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या अपनी पत्नी शिवश्री स्कंदप्रसाद के साथ बृहस्पतिवार को संसद पहुंचे। सूर्या और शिवश्री की चार मार्च को शादी हुई थी। शिवश्री शास्त्रीय संगीत गायिका हैं।
जया की मांग...फिल्म शोले और दीवार पर जारी हो डाक टिकट
सपा सांसद जया बच्चन ने फिल्म दीवार और शोले के 50 साल पूरे होने पर सरकार सेे इन फिल्मों पर स्मारक डाक टिकट जारी करने का अनुरोध किया। जया ने राज्यसभा में कहा कि यह फिल्में मनोरंजन के साथ आम आदमी के संघर्ष की कहानी को बयां करने वाली थीं
पांच वर्षों में 669 एशियाई शेरों की मौत, अवैध शिकार से एक भी नहीं
सरकार ने संसद को बताया कि पांच वर्षों में कुल 669 एशियाई शेरों की मौत हुई है। इनमें से किसी की भी मौत अवैध शिकार के कारण नहीं हुई। गुजरात में गिर वन एशियाई शेरों का एकमात्र बचा हुआ प्राकृतिक आवास है। केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में बताया कि 2020 में 142, 2021 में 124, 2022 में 117, 2023 में 121 और 2024 में 165 शेरों की मौत हुई। सिंह ने कहा, जैसा कि गुजरात सरकार ने बताया है, मौत के कारणों में वृद्धावस्था, बीमारी, लड़ाई में घायल, शावकों की मृत्यु, खुले कुओं में गिरना, बिजली का झटका लगना, दुर्घटनाएं शामिल हैं।
जन्म से मृत्यु तक आपसे टैक्स वसूलती है सरकार : राघव चड्ढा
राज्यसभा में आप सांसद राघव चड्ढा ने कर प्रणाली का मुद्दा उठाते हुए तंज कसा कि सरकार जन्म से लेकर मृत्यु तक आपसे टैक्स वसूलती है। चड्ढा ने कहा, सरकार हर कदम पर मदद करने के लिए नहीं, बल्कि आपसे कर वसूलने के लिए मौजूद रहती है।
चड्ढा ने कहा, बच्चे की आंखें खुलने से पहले ही उसे दिए जाने वाले टीके पर 5% जीएसटी है। अस्पताल के कमरे का किराया 5,000 से अधिक है, तो 5% जीएसटी लगता है। शिशु की देखभाल की चीजों पर, बच्चे के जन्म के बाद मिठाई बांटते हैं, तो उस पर भी 5% जीएसटी लगता है। शिशु आहार पर 12-18%, डायपर व खिलौनों पर 12% जीएसटी है।
बच्चे के पहली बार बाल कटने, ‘मुंडन’ पर भी 18% जीएसटी है। स्कूल फीस, ड्रेस, पानी की बोतल, टिफिन बॉक्स, कॉपी किताबें सब पर जीएसटी है। ब्यूरो