खेलते हुए बच्चे। (सांकेतिक तस्वीर)
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माता-पिता अक्सर बेटियों और आसानी से घुलने-मिलने वाले बच्चों को ज्यादा पसंद करते हैं। वही, छोटे भाई-बहनों को आमतौर पर बड़े भाई-बहनों के मुकाबले बेहतर व्यवहार मिलता है। दूसरी ओर, बड़े भाई-बहनों को अक्सर बड़े होने के साथ अधिक आजादी दी जाती है, क्योंकि माता-पिता उनके लिए कम सख्त हो जाते हैं। यह खुलासा साइकोलॉजिकल बुलेटिन पत्रिका में परिवार के संबंधों पर प्रकाशित हुए अध्ययन में सामने आया है।
यह अध्ययन 30 पिछले शोध और लगभग 19,500 लोगों के आंकड़ों की समीक्षा करता है। अमेरिका की ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखक अलेक्जेंडर जेनसेन के मुताबिक, दशकों से शोधकर्ताओं के शोध यह बताते रहे हैं कि माता-पिता का एक बच्चे को दूसरे बच्चे से ज्यादा पसंद करने का पक्षपात बच्चों पर लंबे वक्त तक असर डाल सकता है।
बेटियों को देते हैं प्राथमिकता
अध्ययन ने कई पहलुओं का विश्लेषण किया, जैसे कि बच्चों के प्रति समग्र व्यवहार, बातचीत का तरीका और नियंत्रण का स्तर। इसने यह भी देखा कि बच्चे के जन्म क्रम, लिंग और व्यक्तित्व का माता-पिता के पक्षपात पर क्या प्रभाव पड़ता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, माता और पिता दोनों बेटियों को बेटों की तुलना में अधिक पसंद करते पाए गए। माता-पिता ने यह स्वीकार किया कि वे बेटियों को प्राथमिकता देते हैं। जो बच्चे अधिक जिम्मेदार और मिलनसार होते हैं, उन्हें भी माता-पिता से बेहतर व्यवहार मिलता है।
कई तरीकों से नजर आता है पक्षपात
यह शोध बताता है कि किन बच्चों को अलग-अलग तरीके से व्यवहार किया जाता है। यह पक्षपात बच्चों पर परिस्थितियों के आधार पर अच्छे या बुरे प्रभाव डाल सकता है। माता-पिता का पक्षपात कई तरीकों से दिखता है, जैसे कि वे बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, उन पर कितना पैसा खर्च करते हैं या उन पर कितना नियंत्रण रखते हैं। यह पक्षपात कम पसंद किए जाने वाले बच्चे के विकास को नुकसान पहुंचा सकता है और परिवार में तनाव पैदा कर सकता है।
सभी बच्चों को दें बराबर प्यार और समर्थन
जेनसेन ने बताया कि इन बारीकियों को समझने से माता-पिता और चिकित्सक नुकसानदायक पारिवारिक व्यवहारों को पहचान सकते हैं और उन्हें ठीक कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी बच्चों को बराबर से प्यार और समर्थन महसूस हो। हालांकि अध्ययन यह नहीं बताता कि माता-पिता पक्षपात क्यों करते हैं।