सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके के माता-पिता ने शनिवार को केंद्र सरकार आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतंत्र का सम्मान नहीं कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने अपने बेटे को हिरासत में लेने और भारी पुलिस बल की तैनाती पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या छात्र चंबल के डाकू है।
पुलिस ने राजधानी में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए अभिजीत दिपके , यूट्यूबर ध्रुव राठी और लगभग 500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और जंतर-मंतर पहुंचने की उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया।
पिता ने क्या कहा?
अभिजीत के पिता भगवान दिपके ने पत्रकारों से कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि दिल्ली में इतना पुलिस बल क्यों तैनात किया गया है? यह छात्रों का आंदोलन है। क्या चंबल के डाकू दिल्ली में जमा हुए हैं? डाकू तो संसद में बैठे हैं।'
'इजाजत की क्या जरूरत है?'
जब उनसे कहा गया कि यह आंदोलन बिना इजाजत के हो रहा है, तो उन्होंने कहा, 'इजाजत की क्या जरूरत है जब हर भारतीय को विरोध करने का कानूनी अधिकार है? इसका मतलब है कि वे (सरकार) लोकतंत्र का पालन नहीं करते हैं। वे अपने (सरकार के) खिलाफ आंदोलन की इजाजत कैसे देंगे, जबकि यह विरोध उन्हें बेनकाब करने के लिए है? यहां इजाजत का कोई सवाल ही नहीं उठता।'
भगवान दिपके ने कहा कि वह अपने बेटे के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए वह चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह हैं।' अभिजीत की मां अनीता दिपके ने भी प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई की आलोचना की।
मां ने क्या कहा?
उन्होंने कहा, 'सरकार की तरफ से यह गलत है। इन लोगों ने ऐसा क्या किया है कि उन्हें फ्लाइट से हिरासत में लेना पड़ा? क्या वे यौन शोषण करने वाले के घर जाकर उन्हें गिरफ्तार करते हैं? वे ऐसा नहीं करते। लेकिन उन्होंने अभिजीत दिपके समेत इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं थी।'
शनिवार को क्या हुआ?
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को लगभग 500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के खिलाफ प्रस्तावित सीजेपी आंदोलन के लिए जंतर-मंतर पर जमा होने की कोशिश को नाकाम कर दिया। नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जहां पुलिस ड्रोन का इस्तेमाल करके विरोध स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।