एक्सपर्ट बता रहे होगा नुकसान
सर गंगाराम अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉक्टर मनीष जैन के मुताबिक कोरोना से बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपाय करके स्कूल खोलने पर विचार करना चाहिए। स्कूल न जाने से भी बच्चों के शारीरिक, मानसिक विकास पर असर पड़ रहा है।
जहां तक कोरोना संक्रमण की बात है, अगर परिवार का एक भी सदस्य घर के बाहर जाता है और उसके बाद वापस आता है, तो उसके जरिए भी बच्चे तक संक्रमण फैलने का उतना ही खतरा रहता है, जितना कि बच्चे के स्कूल जाने से हो सकता है।
ऐसी स्थिति में विभिन्न पक्षों पर विचार करते हुए स्कूलों को खोलने की कोशिश की जानी चाहिए। कक्षा में बच्चों की संख्या, कई चरणों में स्कूल चलाना, ऑनलाइन और ऑफलाइन मिक्स्ड सिस्टम से पढ़ाई कराना विकल्प हो सकता है।
कोरोना के मामले में अब तक देखा गया है कि बहुत सुरक्षित वातावरण में रहने वाले उच्चस्तरीय लोग, पीपीई किट पहने रहने वाले डॉक्टर तक कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, दिल्ली के सीरो सर्वे के नतीजे बताते हैं कि लाखों लोग बिना इलाज के ही इसकी चपेट में आकर ठीक भी हो रहे हैं।
इन मामलों में मौत का आंकड़ा भी बेहद कम है, इसलिए तमाम पहलुओं पर विचार करते हुए और सुरक्षा के उचित उपाय करते हुए सरकार को स्कूलों को खोलने का निर्णय करना चाहिए।