बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामे की खबर सामने आ रही है। सांसद पप्पू यादव के साथ कथित तौर पर धक्कामुक्की और मारपीट की गई। इसके बाद पप्पू यादव के समर्थकों ने भी कथित तौर पर उस व्यक्ति की पिटाई की, जिसने दिल्ली स्थित उनके आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हमला करने की कोशिश की थी।
पप्पू यादव ने क्या कहा?
सांसद पप्पू यादव ने कहा, मेरे घर में किसी ने घुसकर हमला किया। क्या अब लोग हमसे मिलने भी नहीं आ सकते? चाकू लेकर मारने आया।
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पप्पू यादव ने दावा किया कि उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। लेकिन वह बच गए। उन्होंने कहा कि कुछ बाबा लगातार धमकी दे रहे थे कि 'मुझे मार दो, जला दो, हम 51 लाख रुपये देंगे।' उन्होंने कहा कि उन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है।
उन्होंने कहा, मैं पहले ही कई एफआईआर दर्ज करा चुका हूं। मेरे वकील भी यहां हैं। मैं डरने वाला नहीं हूं। अगर कोई मुझे मारना चाहता है तो मार दे।
पप्पू यादव पर कथित तौर पर हमला करने की कोशिश करने वाले व्यक्ति की तस्वीरें सामने भी आई हैं।
समर्थक ने क्या कहा?
सांसद पप्पू यादव के एक समर्थक ने कहा, पप्पू यादव लगातार जनता की सेवा कर रहे हैं। जैसे ही उसने (हमलावर ने) पीछे से चाकू निकाला, हमने तुरंत मिलकर उसे पकड़ लिया और काबू में कर लिया। अगर हमने उस समय उसे नहीं रोका होता तो संभव है कि आज हमारे पप्पू जी हमारे साथ नहीं होते।
सांसद के वकील ने क्या कहा?
पप्पू यादव के वकील ने कहा, यह दिल्ली पुलिस की नाकामी को दिखाता है। इससे दिल्ली पुलिस का साजिश में शामिल होना सामने आता है। इससे पता चलता है कि सत्तारूढ़ पार्टी के साथ मिलकर वे छह बार के चुने हुए सांसद के खिलाफ साजिश में मदद कर रहे हैं। पिछले दो दिनों से हम लगातार छह बार चुने गए सांसद के खिलाफ रची जा रही साजिश को लेकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं। सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से ऐसे पोस्ट किए जा रहे हैं, जिनमें सिर काटने वाले को 51 लाख रुपये का इनाम देने की बात कही जा रही है।
उन्होंने कहा, दिल्ली पुलिस से कई बार शिकायत करने और पूरी सुरक्षा देने के आश्वासन के बावजूद इतने बड़े जमावड़े को संभालने के लिए केवल कुछ ही पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इनमें सिर्फ तीन या चार जवान थे और एक निरीक्षक शामिल था। मीडिया की मौजूदगी के बावजूद इन लोगों ने चाकू लहरायाऔर हंगामा किया। यह पूरी तरह निंदनीय और अमानवीय है। अब हम आगे की कार्रवाई करेंगे।