भाजपा नेता पंकजा मुंडे ने भूख हड़ताल करने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि मैं मैं औरंगाबाद में एक दिवसीय भूख हड़ताल करूंगी। यह किसी भी पार्टी या व्यक्ति के खिलाफ नहीं होगा। यह मराठवाड़ा के मुद्दे पर नेतृत्व का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक सांकेतिक भूख हड़ताल होगी। उन्होंने कहा मैं पार्टी नहीं छोड़ रही हूं। मैं 27 जनवरी, 2020 को औरंगाबाद में एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करूंगी।
पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे ने गुरुवार को पार्टी की प्रदेश कोर कमिटी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि अब मैं कोर कमिटी की सदस्य नहीं हूं, लेकिन वह संगठन नहीं छोड़ेंगी।
बता दें कि पंकजा पिछले पांच साल से अपने पिता की जयंती पर रैली आयोजित करती रहीं हैं लेकिन इस साल राजनीतिक परिस्थितियों की वजह से लोगों में इसको लेकर कौतुहल था। कयास लगाए जा रहे थे कि वह 21 अक्टूबर को चुनाव में मिली आश्चर्यजनक हार के बाद भाजपा छोड़ सकती हैं। इन कयासों को तब बल मिला जब उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि राजनीतिक पृष्टभूमि में बदलाव के बाद भविष्य की राह और लोगों की सेवा को लेकर विचार करने की जरूरत है।
बीड में रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, मैं अगले साल जनवरी से पूरे महाराष्ट्र में मशाल रैली की शुरुआत करने जा रही हूं। मैं अपने काम की शुरुआत 26 जनवरी को मुंबई स्थित गोपीनाथ मुंडे प्रतिष्ठान से करूंगी।
पंकजा मुंडे ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर विद्रोह नहीं हुआ होता तो क्या हमारे देश को आजादी मिलती। पंकजा ने इस दौरान एक शेर पढ़कर बीजेपी नेतृत्व पर हमला बोला। उन्होंने कहा, 'शांत बैठी हूं ये मत समझना आग नहीं मेरे अंदर, डरती हूं समंदर न कम पड़ जाए आग बुझाने के लिए।'